Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 (15:30 IST)
Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 (20:32 IST)
बदलते दौर में व्यापारिक सुगमता और त्वरित न्याय के लिए मध्यस्थता (Mediation) बेहद आवश्यक हो गई है। अप्सरा होटल में 'GOCAL' द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पूर्व न्यायमूर्ति जस्टिस शुक्ला ने कहा कि यदि व्यापारी अपने अनुबंधों (कॉन्ट्रैक्ट) में 'आर्बिट्रेशन क्लॉज' को शामिल करें, तो वे लंबी अदालती प्रक्रियाओं और विलंब से बचकर अपने विवादों का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस शुक्ला ने कहा कि विवादों का उत्पन्न होना पीढ़ियों का किस्सा है जो सैकड़ों वर्षों से चला आ रहा है। प्राचीन काल में पंचायतें तुरंत निपटारा करती थीं, लेकिन आज न्यायपालिका पर अत्यधिक भार होने के कारण अदालती फैसलों में समय अधिक लगता है। उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेशन और मीडिएशन जैसी प्रक्रियाएं व्यापारियों के लिए बेहद सहायक सिद्ध हो सकती हैं।
'GOCAL' के अध्यक्ष सर्च कौल ने स्वागत भाषण में कहा कि रामराज्य के समय से ही विवादों का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से होता आ रहा है। आज की संस्थाएं व्यापारियों को यही सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अग्रसर हैं। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए कार्यक्रम के दौरान तीन प्रमुख संगठनों—कैट (CAIT), एफएमसीजी (FMCG) और मावा विक्रेता संघ के साथ समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि व्यापार जगत लिटिगेशन (कोर्ट-कचहरी) में अपना कीमती समय और पैसा बर्बाद करता है, जहां फैसले आने में वर्षों लग जाते हैं। अनुबंधों में आर्बिट्रेशन क्लॉज जोड़ने से समय और धन की बचत के साथ-साथ व्यापारी मानसिक संत्रास से भी बच सकेंगे।
इस अवसर पर शहर के प्रमुख व्यवसायी व प्रबुद्ध नागरिक ईश्वर बाहेती, गौतम कोठारी, संजय पटवर्धन, धर्मेंद्र खंडेलवाल और प्रमोद खंडेलवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्था की सचिव रेनू गुप्ता ने मुख्य अतिथि को मोमेंटो भेंट कर सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।