Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 (17:55 IST)
Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 (17:57 IST)
मां अहिल्या की नगरी इंदौर में सेवा और मानवता का एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। कटनी निवासी 56 वर्षीय बर्तन व्यवसायी श्री सुनील कुमार ताम्रकार ब्रेन हेमरेज के बाद CHL Care Hospital इंदौर में उपचाररत थे। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें संभावित ब्रेन डेथ की स्थिति में बताया।
दिवंगत की धर्मपत्नी एडवोकेट तृप्ति ताम्रकार अपनी सहेली स्व. एडवोकेट अभिजीता राठौर के 10 माह पूर्व हुए अंगदान से प्रेरित थीं। उनके भाई शासकीय अधिवक्ता अभिजीत राठौर एवं अधिवक्ता तनुजा मलकापुरकर की प्रेरणा से परिवार ने मुस्कान ग्रुप सेवादारों से संपर्क एवं परामर्श उपरांत अंगदान की सहमति दी। श्री ताम्रकार गुर्दा रोग से पीड़ित थे, एवं हार्ट व लंग्स तकनीकी कारणों से दान योग्य न होने से स्थगित किए गए एवं नियमानुसार लिवर आंख एवं त्वचा का दान किया जा सका।
कैसे पूरी हुई दान प्रक्रिया : प्रथम ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन शाम 5:00 बजे एवं द्वितीय रात्रि 11:30 बजे संपन्न हुआ। MGM मेडिकल कॉलेज के नोडल ऑफिसर डॉ. मनीष पुरोहित एवं निधि शर्मा द्वारा विधिवत प्रक्रिया पूर्ण की गई। दानदाता का लिवर CHL Care Hospital में ही भर्ती इंदौर निवासी 58 वर्षीय पुरुष को प्रत्यारोपित किया गया। नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक एवं त्वचा का दान चोइथराम स्किन बैंक के द्वारा प्राप्त किया गया जो विभिन्न जरूरतमंद रोगियों के लिए उपकार होगा। पूरी प्रक्रिया में मुस्कान ग्रुप के सेवादार जीतू बगानी, संदीपन आर्य, उमेश कुंडल एवं लक्की खत्री ने समन्वय किया।
CHL टीम से HCOO तारिक ताजदार, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुरेंद्र सिंह परिहार, सीनियर इंटेंसिविस्ट डॉ. निखिलेश जैन, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर मोनिशा बगानी एवं उत्तम पाटीदार का विशेष सहयोग रहा।
इस दौरान इंदौर सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉ. भास्कर लाक्षाकार एवं एप्रोप्रिएट अथॉरिटी डॉ. अरविंद धनघोरिया द्वारा सतत मॉनिटरिंग की गई। सांसद शंकर लालवानी ने विदाई के समय शोक संवेदनाएं रखते हुए परिवार जनों को ढांढस बंधाया और उनके परोपकारी कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करी। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भी इस शासकीय सम्मान में शामिल होने वाले थे परंतु आज उनकी व्यस्त शेड्यूल के चलते वह नहीं पहुंच पाए। सांसद ने उनके और से भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मध्य प्रदेश शासन द्वारा दिवंगत को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस पुण्य कार्य में धर्मपत्नी श्रीमती तृप्ति, पुत्री कुमकुम, पुत्र यशवर्धन एवं साले पुनम वर्मा का विशेष योगदान रहा।