Publish Date: Tue, 08 Oct 2024 (11:38 IST)
Updated Date: Tue, 08 Oct 2024 (11:42 IST)
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि ठग गिरोह के एक सदस्य ने 65 वर्षीय महिला को पिछले माह फोन किया और खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। ठग गिरोह के सदस्य ने वीडियो कॉल के जरिये महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और पांच दिन तक उससे फर्जी पूछताछ की।
ठग गिरोह के सदस्य ने महिला को झांसा दिया कि नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, आतंकी गतिविधियों और धन शोधन के लिए एक व्यक्ति ने उसके बैंक खाते का दुरुपयोग किया है और इस शख्स से मिलीभगत के चलते महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इस पूछताछ के दौरान महिला को धमकी दी गई कि अगर उसने अपने बैंक खाते में जमा रकम गिरोह के बताए खातों में नहीं भेजी, तो उसे और उसकी संतानों को जान का खतरा हो सकता है। इस धमकी से घबराई महिला ने कुल 46 लाख रुपए गिरोह के बताए अलग-अलग बैंक खातों में दो किस्तों में भेज दिए।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ठगी का अहसास होने पर महिला ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज करके जांच में जुटी है।
क्या है डिजिटल अरेस्ट : डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का नया तरीका है। ऐसे मामलों में ठग खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर लोगों को ऑडियो या वीडियो कॉल करके डराते हैं और उन्हें गिरफ्तारी का झांसा देकर उनके ही घर में डिजिटल तौर पर बंधक बना लेते हैं।