sawan somwar

पिता को जला दो और डेथ सर्टिफिकेट भिजवा दो, 4 बेटों- बेटियों के पिता का शव वृद्धाश्रम में करता रहा इंतजार

Webdunia
सोमवार, 10 अगस्त 2026 (16:45 IST)
समाज में रिश्‍ते किस कदर दरक रहे हैं, इसका एक और उदाहरण सामने आया है। पिता की मौत के बाद उनका शव वृद्धाश्रम में रखा रहा। बच्‍चे अंतिम संस्‍कार तक में नहीं पहुंचे। जब उन्‍हें सूचना दी गई तो उन्‍होंने कहा कि पिता का शव जला दो और डेथ सर्टिफिकेट भिजवा दो। बता दें कि इसके पहले एक मामला सामने आया था जिसमें पिता की मौत के बाद उनकी तीन बेटियों ने अंतिम संस्‍कार में पहुंचने से यह कहकर मना कर दिया था कि फुर्सत नहीं है।

ताजा मामला भोपाल में 'अपना घर' वृद्धाश्रम का प्रबंधन 70 वर्षीय घनश्याम की मौत का है। उनकी मौत के बाद दो दिन तक उनके परिजन के आने का इंतजार किया गया। बेटियों ने आने से इनकार कर दिया, बेटों ने भी पहुंचने में असमर्थता जताई। परिवार की ओर से बार-बार आश्रम प्रबंधन से ही अंतिम संस्कार करने और डेथ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने को कहा जाता रहा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आश्रम संचालिका माधुरी मिश्रा ने बताया कि बुजुर्ग घनश्याम की मौत 4 अगस्त 2026 को हुई थी। परिवार से संपर्क की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा। शव को दो दिन तक इस उम्मीद में रखा गया कि शायद कोई अपना आएगा। बाद में पुलिस की मदद से अंतिम संस्कार कराया गया।

हमारे लिए कुछ नहीं किया : माधुरी मिश्रा ने बताया कि बुजुर्गों की मौत के बाद परिवार के नहीं पहुंचने की स्थिति में आश्रम के सामने सबसे बड़ी समस्या यही होती है कि शव को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं है। घनश्याम की मौत के बाद प्रबंधन ने उनकी बेटी से संपर्क किया। उसने कहा कि पिता ने अपनी संपत्ति बेटों को दे दी थी। उसे पिता की संपत्ति में कुछ नहीं मिला, इसलिए वह अंतिम संस्कार के लिए क्यों आए?

जला दो और डेथ सर्टिफिकेट भेज दो : घनश्याम टायर-ट्यूब कारोबारी थे और 4 अगस्त को उनकी मौत हो गई थी। उन्‍होंने अपने 4 बच्चों को पालपौस कर बडा किया था। वे इंदौर के थे और अपनी जिंदगी के आखिरी 4 साल ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम में ही रहे। आश्रम में प्रवेश के समय बुजुर्गों से परिवार और संपर्क की पूरी जानकारी ली जाती है। घनश्याम इंदौर के रहने वाले थे। परिवार भी इंदौर में ही रहता है। वे साइकिल के टायर-ट्यूब का थोक कारोबार करते थे। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बेटों बेटियों से संपर्क किया तो वे दो दिन तक आने को लेकर तरह-तरह के बहाने बनाते रहे। कभी ट्रेन का टिकट नहीं होने की बात कही तो कभी बस में जगह नहीं होने की। इस बीच आश्रम शव को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद करता रहा। बाद में उन्‍होंने कहा कि पिता को जला दो और डेथ सर्टिफिकेट भेज दो। जब परिवार की ओर से डेथ सर्टिफिकेट की मांग की गई तो माधुरी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के अंतिम संस्कार में परिवार शामिल नहीं हुआ, उसके मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी आश्रम पर दबाव नहीं बनाया जा सकता।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

झारखंड में छात्र आंदोलन का दिखा असर, JPSC के 3 सदस्‍यों ने दिया इस्‍तीफा, प्रदर्शन को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन?

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, भीड़ ने कार पर किया पथराव, भाजपा और पुलिस पर लगा यह आरोप

UPI पर होने वाले अधिकांश ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्री, किन पर लगेगा टैक्स, सरकार ने दिया बड़ा अपडेट

India-US Relations : H-1B वीजा शुल्क और इमिग्रेशन नीति के अलावा PM मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस किन मुद्दों पर की चर्चा

Mojtaba Khamenei : मोजतबा खामेनेई की किसी भी पल हो सकती है मौत, इजराइली मीडिया के दावे के बीच सामने आया वीडियो, कैसी है ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत

सभी देखें

नवीनतम

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए हजारों लोग

TVS, Bajaj, Ather, Ola, Vida की रिकॉर्ड बिक्री, लोगों की पसंद क्यों बन रहे हैं Electric Scooters

सबसे स्‍वच्‍छ शहर में समोसे में आलू नहीं, निकला कॉकरोच, लोग बोले यहां भी CJP

Electric Flying Car : पेट्रोल-डीजल नहीं, बिजली से उड़ने की तैयारी, पहाड़ की समस्या से आया आइडिया, छात्र ने किया चमत्कार, चीन के दावे को नकारा

यूपी के गांवों में खुलेगा कमाई का नया रास्ता, 10 रुपए लीटर खरीदा जाएगा गोमूत्र

अगला लेख