sundarkand
✕

इंदौर बावड़ी हादसा: सालभर बाद 2 आरोपी गिरफ्तार, 36 लोगों की हो गई थी मौत

एमपी हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
शुक्रवार, 22 मार्च 2024 (14:54 IST)
Indore stepwell accident case : इंदौर की एक पुरानी बावड़ी के ऊपर अवैध रूप से बने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर (Beleshwar Mahadev Jhulelal temple) में सालभर पहले हुए भीषण हादसे के मामले के 2 आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस मामले में एमपी हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी।

ALSO READ: CM डॉ. मोहन यादव ने की केजरीवाल के इस्तीफे की मांग, BJP दफ्तर के बाहर AAP का प्रदर्शन
 
36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी : मंदिर में हुए हादसे में 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जिनमें 2 बच्चे और 21 महिलाएं शामिल थीं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हादसे के मामले में बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया।
 
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ऋषिकेश मीणा ने बताया कि मामले में पुलिस की छानबीन जारी है और मजिस्ट्रेटी जांच के बिंदुओं को भी तहकीकात में शामिल किया जाएगा।

ALSO READ: TDP ने जारी की लोस और विस उम्मीदवारों की पहली सूची, 13 मई को होंगे चुनाव
 
निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की होगी: मंदिर हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच में दोषी नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई न किए जाने के बारे में पूछे जाने पर डीसीपी ने कहा कि हमने संबंधित विभागों को पत्र लिखकर उनसे कुछ जानकारी मांगी है। यह जानकारी मिलने के बाद सबूतों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
 
एमपी हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी : मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में पिछले साल रामनवमी पर हुए भीषण हादसे की अधूरी जांच को लेकर 19 जनवरी को गहरी नाराजगी जताई थी। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि यह जांच हादसे की पहली बरसी से पहले खत्म की जाए।
 
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर का फर्श 30 मार्च 2023 को रामनवमी के हवन-पूजन के दौरान इस तरह धंसा कि बावड़ी में गिरकर 36 लोगों की जान चली गई थी। प्रशासन ने हादसे के 4 दिन बाद 3अप्रैल 2023 को बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियां अन्य देवस्थान में पहुंचा दी थीं। इसके बाद आम लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर को ढहा दिया था। इसके साथ ही भीषण हादसे की गवाह रही बावड़ी को मलबा डालकर हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था।(भाषा)(फ़ाइल चित्र)
 
Edited by: Ravindra Gupta

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Indian Railways Rules: रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन में मोबाइल चार्जिंग बंद, रेलवे ने क्यों दिया निर्देश?

Electric Scooters : आपके लिए कौन-सा इलेक्ट्रिक स्कूटर बेहतर है? Ola, Honda और TVS के इन इलेक्ट्रिक स्कूटरों की देखें खूबियां

Jio Listing : पहले ही दिन 26.81% उछला जियो का शेयर, निवेशकों की संपत्ति ₹2.76 लाख करोड़ बढ़ी

DA Hike 2026 : केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ा, पेंशनधारकों को भी दिवाली से पहले तोहफा

MLC Election Results 2026: यूपी, बिहार में MLC चुनाव परिणामों ने चौंकाया, जानिए कहां किसका पलड़ा भारी?

सभी देखें

नवीनतम

बसों में शहर-गांव का सफर सुविधाजनक बना रही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

Electric Scooter को लेकर TVS का बड़ा ऐलान, ग्राहकों को क्या होगा फायदा?

Digital Arrest Scam : क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत, मोबाइल दीवार पर मारिए, गिरफ्तारी अपने आप रुक जाएगी

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

Prayagraj : ड्रमों में भरे थे ₹500 के नोट, पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया, जमीन से निकला 5 करोड़ से ज्यादा का खजाना, 4 हिरासत में

अगला लेख