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National Doctors Day 2025: डॉक्टर्स डे क्यों मनाते हैं, जानें इतिहास, महत्व और 2025 की थीम

WD Feature Desk
मंगलवार, 1 जुलाई 2025 (09:50 IST)
National Doctors Day : हर साल 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिन डॉक्टर्स के अमूल्य योगदान, उनकी निःस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति उनके समर्पण को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। आइए जानते हैं नेशनल डॉक्टर्स डे का इतिहास, थीम, महत्व के बारे में खास जानकारी...ALSO READ: क्या महिलाओं को भी होता है स्वप्नदोष, क्या कहते हैं डॉक्टर्स?
 
डॉक्टर्स डे क्यों मनाते हैं : डॉक्टर्स डे मनाने का मुख्य कारण चिकित्सकों के अथक परिश्रम, त्याग और मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पहचानना और उनका सम्मान करना है। डॉक्टर चौबीसों घंटे, सातों दिन काम करते हुए लोगों का जीवन बचाते हैं, उन्हें बीमारियों से ठीक करते हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हैं। यह दिन उनके इस महान योगदान को याद करने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
 
इतिहास: भारत में नेशनल डॉक्टर्स डे 1 जुलाई को मनाया जाता है। यह तारीख भारत के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय (Dr. Bidhan Chandra Roy) की जयंती और पुण्यतिथि दोनों से जुड़ी है।
 
• जन्म: 1 जुलाई 1882
• निधन: 1 जुलाई 1962
डॉ. बिधान चंद्र रॉय/ डॉ. बी.सी. रॉय एक प्रख्यात चिकित्सक होने के साथ-साथ एक महान शिक्षाविद्, स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता भी थे। उन्होंने मेडिकल शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। उनके सम्मान में, भारत सरकार ने 1991 में 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के रूप में घोषित किया। विश्व के अन्य देशों में डॉक्टर्स डे अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है, लेकिन भारत में यह दिन डॉ. बी.सी. रॉय को श्रद्धांजलि देने के लिए निर्धारित किया गया है।
 
महत्व: डॉक्टर्स डे का महत्व कई पहलुओं से देखा जा सकता है: 
1. कृतज्ञता व्यक्त करना: यह दिन समाज को डॉक्टरों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जो अक्सर अपनी व्यक्तिगत खुशियों और परिवार के समय का त्याग करके दूसरों की सेवा करते हैं।
 
2. प्रेरणा देना: यह युवा पीढ़ी को चिकित्सा के महान पेशे में आने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।
 
3. जागरूकता बढ़ाना: यह स्वास्थ्य सेवा के महत्व और डॉक्टरों की भूमिका के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है।
 
4. चुनौतियों को स्वीकार करना: यह दिन चिकित्सा समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे कि लंबे कार्य घंटे, तनाव और हिंसा, पर भी विचार करने का अवसर प्रदान करता है।
 
5. स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना: यह सरकारों और संगठनों को बेहतर स्वास्थ्य नीतियां बनाने और डॉक्टरों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करता है।
 
राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे 2025 की थीम: प्रत्येक वर्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) डॉक्टर्स डे के लिए एक विशेष थीम निर्धारित करता है, जो उस वर्ष के स्वास्थ्य सेवा के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है। इस वर्ष राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे की थीम 'बिहाइंड दि मास्क: हू हील्स दि हीलर्स' (Behind the Mask: Who Heals the Healers?) तय की गई है। इस वर्ष की यह थीम डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य पर रोशनी डालती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: पुणे की महिला ने पेशाब से धोई अपनी आंख, डॉक्टर ने बताया कितना खतरनाक, सोशल मीडिया पर क्यों भड़के लोग

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