Publish Date: Fri, 19 May 2023 (11:24 IST)
Updated Date: Fri, 19 May 2023 (11:26 IST)
Tree worship in Hindu Dharma : वृक्ष हमारे जीवन और धरती के पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्ष से एक और जहां ऑक्सीजन का उत्पादन होता है तो दूसरी ओर यही वृक्ष धरती के प्रदूषण को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिन्दू धर्म में वृक्षों को बहुत महत्व दिया जाता है। आओ जानते हैं कि कौनसे 7 वृक्षों को लगाने से संभी तरह के पाप कट जाते हैं, संताप मिट जाते हैं और व्यक्ति को सद्गति मिलती है।
वृक्षों का योगदान : हिन्दू धर्म में वृक्ष में देवताओं का वास माना गया है। वृक्ष औषधीय गुणों का भंडार होते हैं। नीम, तुलसी, जामुन, आंवला, पीपल, अनार आदि अनेक ऐसे वृक्ष हैं, जो हमारी सेहत को बरकरार रखने में मददगार सिद्ध होते हैं।
वृक्ष से हमें भरपूर भोजन प्राप्त होता है, जैसे आम, अनार, सेवफल, अंगूर, केला, पपीता, चीकू, संतरा आदि ऐसे हजारों फलदार वृक्षों की जितनी तादाद होगी, उतना भरपूर भोजन प्राप्त होगा। आदिकाल में वृक्ष से ही मनुष्य के भोजन की पूर्ति होती थी। वृक्ष के आसपास रहने से जीवन में मानसिक संतुष्टि और संतुलन मिलता है। वृक्ष हमारे जीवन के संतापों को समाप्त करने की शक्ति रखते हैं।
ये है 7 प्रमुख वृक्ष : शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति 1 पीपल, 1 नीम, 10 इमली, 3 कैथ, 3 बेल, 3 आंवला और 5 आम के वृक्ष लगाता है, वह पुण्यात्मा होता है और कभी नरक के दर्शन नहीं करता। इसी तरह धर्म शास्त्रों में सभी तरह से वृक्ष सहित प्रकृति के सभी तत्वों के महत्व की विवेचना की गई है।