Dharma Sangrah

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia

आज के शुभ मुहूर्त

(द्वितीया तिथि)
  • तिथि- चैत्र कृष्‍ण द्वितीया
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:56 तक
  • त्योहार/व्रत/मुहूर्त- चित्रगुप्त पूजा, भाई दोज, संत तुकाराम जयंती
  • राहुकाल: दोपहर 02:00 से 03:25 तक
webdunia

Pradosh vrat : धन समृद्धि के लिए प्रदोष व्रत के दिन करें इस स्तोत्र का पाठ

Advertiesment
Pradosh stotram
HIGHLIGHTS
 
भगवान शिव को समर्पित स्तोत्र।  
प्रदोष पर पढ़ें यह पाठ।
त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने का उपाय।  

ALSO READ: Pradosh vrat : प्रदोष व्रत पर करें 3 उपाय बदल जाएगी किस्मत  
 
Pradosh Vrat : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना गया है। इस व्रत में संध्या के समय पूजा की जाती है।अतः हर माह आने वाले प्रदोष व्रत के दिन धन-समृद्धि पाने के लिए निम्न स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। मान्यता नुसार त्रयोदशी तिथि पर पूर्ण श्रद्धा से व्रत रखकर शिव-पार्वती के पूजन के पश्चात् यह पाठ पढ़ने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।  
आइए जानते हैं प्रदोष स्तोत्र का पाठ : 
 
शिव प्रदोष स्तोत्र 
 
जय देव जगन्नाथ जय शंकर शाश्वत ।
जय सर्वसुराध्यक्ष जय सर्वसुरार्चित ।।
 
जय सर्वगुणातीत जय सर्ववरप्रद ।
जय नित्यनिराधार जय विश्वम्भराव्यय ।।
 
जय विश्वैकवन्द्येश जय नागेन्द्रभूषण ।
जय गौरीपते शम्भो जय चन्द्रार्धशेखर ।।
 
जय कोट्यर्कसंकाश जयानन्तगुणाश्रय ।
जय भद्र विरुपाक्ष जयाचिन्त्य निरंजन ।।
 
जय नाथ कृपासिन्धो जय भक्तार्तिभंजन ।
जय दुस्तरसंसारसागरोत्तारण प्रभो ।।
 
प्रसीद मे महादेव संसारार्तस्य खिद्यत: ।
सर्वपापक्षयं कृत्वा रक्ष मां परमेश्वर ।।
 
महादारिद्रयमग्नस्य महापापहतस्य च ।
महाशोकनिविष्टस्य महारोगातुरस्य च ।।
 
ऋणभारपरीतस्य दह्यमानस्य कर्मभि: ।
ग्रहै: प्रपीड्यमानस्य प्रसीद मम शंकर ।।
 
दरिद्र: प्रार्थयेद् देवं प्रदोषे गिरिजापतिम् ।
अर्थाढ्यो वाऽथ राजा वा प्रार्थयेद् देवमीश्वरम् ।।
 
दीर्घमायु: सदारोग्यं कोशवृद्धिर्बलोन्नति: ।
ममस्तु नित्यमानन्द: प्रसादात्तव शंकर ।।
 
शत्रव: संक्षयं यान्तु प्रसीदन्तु मम प्रजा: ।
नश्यन्तु दस्यवो राष्ट्रे जना: सन्तु निरापद: ।।
 
दुर्भिक्षमारिसंतापा: शमं यान्तु महीतले ।
सर्वसस्यसमृद्धिश्च भूयात् सुखमया दिश: ।।
 
एवमाराधयेद् देवं पूजान्ते गिरिजापतिम् ।
ब्राह्मणान् भोजयेत् पश्चाद् दक्षिणाभिश्च पूजयेत् ।।
 
सर्वपापक्षयकरी सर्वरोगनिवारिणी ।
शिवपूजा मयाख्याता सर्वाभीष्टफलप्रदा ।।
 
अतः जो शिव भक्त को भोले नाथ जी की पूर्ण कृपा पाना चाहते हैं वह प्रदोष के दिन इस पाठ को पढ़कर अवश्य ही लाभ ले सकते हैं।  
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Pradosh vrat : प्रदोष व्रत पर करें 3 उपाय बदल जाएगी किस्मत