dharma sangrah

18 जुलाई से अधिकमास प्रारंभ : अधिक मास में कौन से नियमों का पालन करना चाहिए?

Webdunia
Adhik maas 2023 : हिन्दू चंद्र मास के अनुसार हर तीसरे साल में एक बार आता है। इस बार श्रावण माह के अंतर्गत अधिकमास प्रारंभ हो रहा है। सावन का महीना 4 जुलाई से प्रारंभ होकर 31 अगस्त तक चलेगा जबकि 18 जुलाई से अधिकमास प्रारंभ होगा जो 16 अगस्त को समाप्त होगा। आओ जानते हैं अधिकमास के नियम।
 
अधिक मास के नियम : Rules of Adhik maas:-
 
  1. इस मास की कथा भगवान विष्णु के अवतार नृःसिंह भगवान और श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई है। इस माह में उक्त दोनों भगवान का षोडशोपचार पूजन करना चाहिए।
  2. इस मास में श्रीमद्भागवत गीता में पुरुषोत्तम मास का महामात्य, श्रीराम कथा वाचन, विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र पाठ का वाचन और गीता के पुरुषोत्तम नाम के 14वें अध्याय का नित्य अर्थ सहित पाठ करना चाहिए। 
  3. पाठ नहीं कर सकते हैं तो भगवान के 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' इस द्वादशाक्षर मन्त्र का प्रतिदिन 108 बार जप करना चाहिए।
  4. इस पूरे मास एक समय ही भोजन करना चाहिए जो कि आध्यात्मिक और सेहत की दृष्टि से उत्तम होगा। 
  5. भोजन में गेहूं, चावल, जौ, मूंग, तिल, बथुआ, मटर, चौलाई, ककड़ी, केला, आंवला, दूध, दही, घी, आम, हर्रे, पीपल, जीरा, सोंठ, सेंधा नमक, इमली, पान-सुपारी, कटहल, शहतूत, मेथी आदि खाने का विधान है।
  6. इस मास में भगवान के दीपदान और ध्वजादान की भी बहुत महिमा है। 
  7. इस माह में दान दक्षिणा का कार्य भी पुण्य फल प्रदान करता है। 
  8. पुरुषोत्तम मास में स्नान, पूजन, अनुष्ठान और दान करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं और हर प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।
  9. इस माह में विशेष कर रोग निवृत्ति के अनुष्ठान, ऋण चुकाने का कार्य, शल्य क्रिया, संतान के जन्म संबंधी कर्म, सूरज जलवा आदि, गर्भाधान, पुंसवन, सीमांत जैसे संस्कार किए जा सकते हैं।
  10. इस माह में यात्रा करना, साझेदारी के कार्य करना, मुकदमा लगाना, बीज बोना, वृक्ष लगाना, दान देना, सार्वजनिक हित के कार्य, सेवा कार्य करने में किसी प्रकार का दोष नहीं है।
  11. इस पुरुषोत्तम माह में किसी भी प्रकार का व्यसन नहीं करें और मांसाहार से दूर रहें। 
  12. मांस, शहद, चावल का मांड़, उड़द, राई, मसूर, मूली, प्याज, लहसुन, बासी अन्न, नशीले पदार्थ आदि नहीं खाने चाहिए।
  13. इस माह में विवाह, नामकरण, अष्टाकादि श्राद्ध, तिलक, मुंडन, यज्ञोपवीत, कर्णछेदन, गृह प्रवेश, देव-प्रतिष्ठा, संन्यास अथवा शिष्य दीक्षा लेना, यज्ञ, आदि शुभकर्मों और मांगलिक कार्यों का भी निषेध है।
  14. इस महीने वस्त्र आभूषण, घर, दुकान, वाहन आदि की खरीदारी नहीं की जाती है परंतु बीच में कोई शुभ मुहूर्त हो तो ज्योतिष की सलाह पर आभूषण की खरीददारी की जा सकती है।
  15. अपशब्द, गृहकलह, क्रोध, असत्य भाषण और समागम आदि कार्य भी नहीं करना चाहिए।
  16. कुआं, बोरिंग, तालाब का खनन आदि का त्याग करना चाहिए।
    18 जुलाई से अधिकमास प्रारंभ : अधिक मास में कौन से नियमों का पालन करना चाहिए?


वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 11 अगस्‍त 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

दूसरा मंगला गौरी व्रत 2026: कब करें पूजा? जानिए शुभ मुहूर्त, विधि और 5 खास उपाय

हरियाली अमावस्या 2026: इस दिन कब करें पूजा? जानिए शुभ मुहूर्त, 5 मंत्र और 7 खास उपाय

हरियाली अमावस्या 2026: क्यों खास है यह अमावस्या? जानिए महत्व और पौराणिक कथा

साल 2026 का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण: देश-दुनिया पर क्या होगा असर? जानिए 12 राशियों का भविष्यफल

अगला लेख