Hanuman Chalisa

महाराणा प्रताप "वीर आल्हा छंद"

सपना सीपी साहू 'स्वप्निल'
मंगलवार, 9 मई 2023 (10:05 IST)
Maharana Pratap Poetry: 9 मई को महाराणा प्रताप की जयंती रहती है। राजस्थान ही नहीं संपूर्ण भारत के वीर सपूत महाराणा प्रताप पर कई लोगों ने छंद में अपने भाव व्यक्त किए हैं। उन की वीरता पर हजारों कविताएं लिखी गई है। प्रस्तुत है उन्हीं में से एक कविता।
 
चली चाल अकबर ने भारी, 
मुगल  दासता  राणा  मान।
नहीं  दासता  मैं  स्वीकारूं, 
जब तक मेरे तन  में  जान।।
 
           अकबर का सिंघासन डोला,
           रच तब  हल्दी घाटी   युद्ध। 
           चेतक पर  चढ़   बैठे  राणा, 
           आए  समर भूमि  में  क्रुद्ध।।
 
देख हजारों मुगल लश्करी,
भाला  ताने  कुँवर  प्रताप।
दूजे  कर  तलवार थामकर,
भू  से  नभ  गूँजे  पदचाप।।
 
           मुगलों  की   सेना   घबराई, 
           छोड़ी  जहाँगीर  ने   आस।
           मातृभूमि  की  रक्षा  वास्ते,
           खाई रोटियां वो जो  घास।।
 
तोड़ दिए गुरूर अकबर का,
शीश   झुका  वो  माने  हार।
जिए आत्म-गौरव से  राणा,
है   मेवाड़ी   जय-जयकार।।
           धूल चटा अकबर को राणा, 
           बना लिए वह अपनी  छाप।
           गाता  है  इतिहास  सुगाथा,
           वीर सदा ही  राणा प्रताप।।
 
सपना सी.पी. साहू "स्वप्निल", 
इंदौर (म.प्र.)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

इलाज आपकी थाली में, ध्यान नहीं दिया तो साइलेंट किलर साबित हो सकता है एनीमिया

घर संभालने वाली महिलाओं को 30 हजार; पर 'हाउस हसबैंड्स' का क्या?

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

हिंदी साहित्य में पहेली के रूप में लिखी जाने वाली एक लयात्मक कविता: कह मुकरियां

सभी देखें

नवीनतम

July 1 Special Day: 1 जुलाई को क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स डे और सीए दिवस, जानें महत्व और तथ्य

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Guru Hargobind Jayanti 2026: गुरु हरगोविंद सिंह जयंती: जानें उनके बताए सिद्धांत, जो आज भी हैं प्रासंगिक

राम मंदिर: सात्विकता, सुशासन और सनातन की अग्निपरीक्षा

Sant Kabir: अनपढ़ थे कबीर, फिर कैसे डिगा दी बड़े-बड़े पंडितों की गद्दी? सिकंदर लोदी भी टेक चुका था घुटने!

अगला लेख