Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

अटल बिहारी वाजपेयी की कविता : दूध में दरार पड़ गई

Advertiesment
poetry by atal bihari vajpayee
खून क्यों सफेद हो गया?
भेद में अभेद खो गया।
बंट गए शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार गड़ गई।
दूध में दरार पड़ गई।
 
खेतों में बारूदी गंध,
टूट गए नानक के छन्द
सतलुज सहम उठी, व्यथित सी वितस्ता है,
वसंत में बहार झड़ गई।
दूध में दरार पड़ गई।
 
अपनी ही छाया से बैर,
गले लगने लगे हैं गैर,
खुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता
बात बनाएं, बिगड़ गई।
दूध में दरार पड़ गई।

साभार- मेरी इक्यावन कविताएं

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Who is Santa : कौन है सांता, क्या है उनका पता?




Hanuman Chalisa In Hindi
Hanuman Chalisa In Hindi