रहते भी नर्मदा किनारे प्यासे फिरते मारे मारे भटकते दूर से थके हारे , आये दर्शन को माता तुम्हारे भक्ति की भावना में नहाये , मन में आशा की ज्योति जगाये सपनों की एक दुनियां सजाये , आये मां ! हम हैं मंदिर के द्वारे चुन के विश्वास के फूल , लाके हल्दी , अक्षत औ चंदन बना...