Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया

राकेशधर द्विवेदी
मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया
मन में बस जाए इसकी सुरतिया
गोकुल धाम से कान्हा आए
जमुना किनारे बंसी बजाए
भागी-दौड़ी चली आए
बरसाने की प्यारी सुरतिया
मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया।
 
नंद के ललना गोकुल से आए
देखो सखियों से संग रास रचाए
बांसुरी बजाए खूब फंसाए
राधा-रानी को पल-पल में लुभाए
काली कमरी वाला ब्रजबसिया
बड़ी मतवाली हैं इसकी
काली-काली अंखियां
 
मन मंदिर में ऐसे बस जाए
कोई सूरत फिर न भावे
बड़ी प्यारी है इसकी सुरतिया
मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Morning Routine: सुबह उठते ही सबसे पहले करें ये 1 काम, दिनभर रहेंगे ऊर्जा से भरपूर

10 Health benefits of Sattu: सत्तू के सेवन से सेहत को मिलेंगे ये 10 फायदे

डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां

गर्मियों में धूप में निकलने से पहले बैग में रखें ये चीजें, लू और सन टेन से होगा बचाव

सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर में होते हैं ये 5 बड़े बदलाव

सभी देखें

नवीनतम

Jhalmuri recipe: घर पर 5 मिनट में बन जाएगी बंगाल की फेमस PM MODI वाली झालमुड़ी, फटाफट नोट करें रेसिपी

world earth day: पृथ्वी दिवस पर 10 प्रभावशाली पंक्तियां क्या हैं?

Earth Day 2026: पृथ्वी दिवस: धरती पर से जीवन का विनाश है नजदीक, जानिए 5 खास कारण

Ramanuja Jayanti: रामानुज जयंती कब और क्यों मनाई जाती है, जानें 5 रोचक तथ्य

महिला आरक्षण की फिर वही परिणति क्यों?

अगला लेख