rashifal-2026

कोरोना पर कविता : घबराना न इस दौर से दोस्तों...

डॉ. अंजना चक्रपाणि मिश्र
दहशत भरी है दिलों में,मोहल्लों में मातमी साये हैं
 
 लोग हैं हारे टूटे ,कोविड सितम, कमर तोड़ गया है,
ढा रहा है कहर औ ज़िन्दगियों को झिंझोड़ गया है!
हैरां है हर आदमी,ग़मगीन चेहरे पे मुर्दनी पसरी हुई,
जाने कौन ये ठीकरा,सबके सर पर फोड़ गया है!
बिछड़े जो इंसान अपनों से,मिल न पाएंगे वे कभी,
मजबूरियां इतनी, इंसान ही इंसान से मुँह मोड़ गया है!
दहशत भरी है दिलों में,मोहल्लों में मातमी साये हैं
वबा की बेबसी ऐसी आयी, मानुष हाथ जोड़ गया है!
घबराना न इस दौर से दोस्तों ये अंजन कहती है
अंधेरी शब बिता आफ़ताब हर रोज़ शुआ'-ए-उम्मीद छोड़ गया है!
स्वयं मैं ही-
डॉ.अंजना चक्रपाणि मिश्र 
इंदौर,मध्यप्रदेश

आफ़ताब-सूरज 
शुआ-ए-उम्मीद - उम्मीद की किरण

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

Hair loss: बालों का झड़ना: कारण, डाइट चार्ट और असरदार घरेलू नुस्खे

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

Health tips: स्वस्थ जीवन के लिए 10 सरल और असरदार उपाय

Work From Home: घर में इस दिशा में बैठकर करेंगे काम, तो करियर में मिलेगी दोगुनी तरक्की

सभी देखें

नवीनतम

Rose Day 2026: इस दिन क्या करें और किन गलतियों से बचें

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

Valentines Week 2026: वेलेंटाइन वीक: 7 फरवरी से शुरू होगा प्रेमियों का 7 दिनों का उत्सव

Clock Direction: घड़ी लगाने की सही दिशा बदल देगी आपका 'बुरा समय', आज ही चेक करें अपना घर

Valentine Day Essay: वेलेंटाइन डे पर बेहतरीन निबंध हिन्दी में

अगला लेख