Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 (11:53 IST)
Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 (17:04 IST)
ये चांद तारे नील गगन में
कुछ गीत प्यारे गुनगुनाते है
ये गीत कुछ और नही बस
तेरी मेरी कहानी सुनाते है
उस कहानी को सुनते-सुनते
फिर ये भावुक मन फिर रोया है
अधर तो कुछ सुना न सके
पर नयनों ने सब कुछ बोला है
इन नयनों की भाषा को पढ़ तुम
मेरे आंगन में आ जाओ
सूनी पड़ी दिल की बगिया में
रातरानी बनकर बिखर जाओ
तुम्हारे संग जो पल है गुजारे
मैं उसे भुला ना पाऊंगा
तुम छन्दों में बस जाओ
मैं गीत बन अधरों पर आऊंगा।