dharma sangrah
✕

कविता : बात जो मुंह से निकली

Webdunia
श्रीमती गिरिजा अरोड़ा
सूखे पत्तों पर पड़ी चिंगारी, भभक जाएगी
बात जो मुंह से निकली, दूर तक जाएगी
 
चिड़िया पिंजरों से टकराकर पंख फड़फड़ाएगी
हवा धूल को दूर शिखर तक पहुंचाएगी
 
वो गहराई है जो समुद्र के मोती पाएगी
फेन तो लहरों पर कूदकर ही इठलाएगी
 
ध्यान दो, दीवारें भी किस्से बताएंगी
या फिर बातें नदिया सी बह जाएंगी
 
बीज गिर गए थे कुछ अनजाने में
बरसात में उनकी भी फसल लहलहाएगी

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

दीप जलें हर द्वार, तभी सजेगा समृद्धि का संसार

अयोध्या दीपोत्सव: आस्था, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता का पर्वोत्कर्ष

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बढ़ सकती हैं स्वस्थ जीवन की संभावनाएं

भारत के लिए ट्रम्प से ज्यादा खतरनाक है डेमोक्रेट्स!

'रसगुल्लों पर चर्चा'

अगला लेख