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वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. सम्मान समारोह का आयोजन संपन्न

Webdunia
- संदीप राशिनकर
 
इंदौर की प्रतिष्ठित संस्था आपले वाचनालय के संस्थापक संस्कृति पुरुष वसंत राशिनकर की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले अ. भा. सम्मान समारोह का गरिमापूर्ण आयोजन आपले वाचनालय सभागृह में संपन्न हुआ। 
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्वान डॉ. अनिल गजभिये एवं अतिथिद्वय नाशिक से आए प्रतिष्ठित साहित्यकार राजू देसले और सर्वोत्तम के संपादक अश्विन खरे ने अपने उद्बोधन में कवि, मूर्तिकार और समाजसेवी वसंत राशिनकर द्वारा आपले वाचनालय के माध्यम से समाज मे किए गए वृहद रचनात्मक कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। 
 
इसके पूर्व प्रसंग वक्ता के रूप में उपस्थित विद्वान और प्रखर वक्ता डॉ. संजय जैन ने अपने आत्मीय और प्रभावी संबोधन में न सिर्फ वसंतजी के कार्यों और समर्पण को शिद्दत से याद किया वरन उन्हें शहर की सांस्कृतिक धरोहर निरूपित किया। 
 
आपले वाचनालय व सर्वोत्तम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मान समारोह में नाशिक के प्रतिभाशाली कवि संजय चौधरी को समारोह के सर्वोच्च सम्मान कविवर्य वसंत राशिनकर स्मृति अ. भा. सम्मान से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय कृतियों को दिए जाने वाले वसंत राशिनकर काव्य साधना अ. भा. सम्मान से मॉरिशस से आए राम मालू, इंदौर के गजानन तपस्वी के अलावा रत्नागिरी के अरुण इंगवले, चंद्रपूर के इरफान शेख, पनवेल के विलास गावडे और ठाणे की सुनंदा पाटील की कृतियों को भी सम्मानित किया गया। 
 
इस वर्ष मॉरिशस से आए रचनाकार की शिरकत ने इस अख़िल भारतीय समारोह को अंतरराष्ट्रीय आभा प्रदान की। इस अवसर पर अच्युत पोतदार प्रदत्त रामू भैया दाते स्मृति पुरस्कार रंगकर्म के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली युवा अभिनेत्री श्रुतिका जोग कळमकर को प्रदान किया गया। उत्तरार्ध में मराठी साहित्य परिषद मॉरिशस के उपाध्यक्ष होमराजेन गोवरिया की अध्यक्षता में प्रभावी मराठी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। 
 
इस काव्य यात्रा में इंदौर और अकोला, औरंगाबाद, नाशिक के कवि मेधा खिरे, उमेश थोरात, अरुणा खरगोनकर, विश्वनाथ शिरढोणकर, दीपक देशपांडे, ज्ञानेश्वर तिखे, जया गाडगे, सुषमा अवधूत, श्रीति राशिनकर, श्रीकांत तारे और रोहिणी कुलकर्णी ने अपनी विविध रंगी कविताओं से श्रोताओं को अभिभूत किया। इस प्रसंग पर सम्मानित रचनाकारों ने भी अपनी रचनाओं का पाठ किया। 
 
इस कार्यक्रम का संचालन मनीष खरगोनकर और श्रीति राशिनकर ने किया। मनोहर शहाणे द्वारा गाई सरस्वती वंदना के बाद अतिथियों का स्वागत किया सर्वश्री सतीश येवतीकर, दीपक, डॉ. ओम ठाकुर, मधुसूदन तपस्वी, शिव चंद्रायण ने और आभार माना संदीप राशिनकर ने। इस अवसर पर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुधि श्रोता उपस्थित थे।

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