Festival Posters

योग दिवस पर एक शादीशुदा की कलम से निकली यह चुटीली रचना

Webdunia
4
योग दिवस को मैं कुछ इस तरह से मना रहा हूं,
रात उसके पैर दबाए थे, अब पोंछा लगा रहा हूं।
 
धो रहा हूं बर्तन और बना रहा हूं चपाती,
मेरे ख्याल से यही होती है कपालभाति।
 
एक हाथ से पैसे देकर, दूजे हाथ में सामान ला रहा हूं मैं,
और इस प्रक्रिया को अनुलोम-विलोम बता रहा हूं मैं।
 
सुबह से ही मैं घर के सारे काम कर रहा हूं,
बस इसी तरह से यारों प्राणायाम कर रहा हूं।
 
मेरी सारी गलतियों की जालिम ऐसी सजा देती हैं,
योगों का महायोग अर्थात मुर्गा बना देती है।
 
हे मोदी, हे रामदेव अगर आप गृहस्थी बसाते,
तो हम योग दिवस नहीं, पत्नी दिवस मनाते।

साभार : सोशल मीडिया
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

बॉलीवुड हलचल

शमा सिकंदर ने लाल साड़ी में ढाया कहर, बोल्डनेस देख फैंस के छूटे पसीने

जैकी चेन का दुनिया को इमोशनल सरप्राइज, रिकॉर्ड किया अपना विदाई गीत, लेकिन रिलीज के लिए रखी है ये दर्दनाक शर्त

45 की उम्र में भी 25 सा जलवा, अमृता अरोरा के जन्मदिन पर उनके सफर की अनकही दास्तां

डिजिटल दुनिया को अलविदा कहेंगी आलिया भट्ट? एक्ट्रेस के लेटेस्ट बयान ने मचाई खलबली

बिकिनी लुक हो या रेड कार्पेट, हर तस्वीर में कहर ढाती हैं ब्रिटिश ब्यूटी एमी जैक्सन

सभी देखें

जरूर पढ़ें

धुरंधर रिव्यू: दुश्मन को घर में घुसकर मारने की कहानी

शोले क्या फिर बॉक्स ऑफिस पर मचाएगी धमाल, गोल्डन जुबली पर 4K और Dolby 5.1 के साथ 12 दिसंबर को रिलीज

धर्मेन्द्र 100 से ज्यादा हिट फिल्मों वाला असली सुपरस्टार, अमिताभ-शाहरुख जैसे भी मीलों पीछे

धुरंधर का जादू कैसे चला? रणवीर सिंह की इस फिल्म की रिकॉर्डतोड़ कमाई के पीछे हैं ये 5 जबरदस्त कारण

गूगल पर 2025 में सबसे ज्यादा सर्च की गई ये फिल्में, देखिए लिस्ट

अगला लेख