Publish Date: Fri, 14 Nov 2025 (16:12 IST)
Updated Date: Wed, 19 Nov 2025 (16:17 IST)
रमन (अपने दोस्त चमन से)- भगवान का दिया सब कुछ है...
साबुन है,
बाल्टी है,
मग है,
तौलिया है,
पानी है पर नहाने की हिम्मत नहीं है।
.
चमन बोला- वैसे भी यार,
नहाने से कुछ होता नहीं,
बस आदमी दिल का साफ होना चाहिए।
.
रमन बोला- हां यार,
इतनी सर्दी में नहाना तो बाबा,
अपनी समझ से तो बाहर है।
.
फिर चमन ने उसके वाक्य को
कुछ इस तरह पूरा किया-
हां, सही कहा दोस्त...
जिस शब्द में ही आगे 'न' है
और पीछे ना है
तो बीच में ये दुनिया
'हां' कराने पर क्यों तुली है ??
हा...हा...हा...
WD Feature Desk
Publish Date: Fri, 14 Nov 2025 (16:12 IST)
Updated Date: Wed, 19 Nov 2025 (16:17 IST)