Publish Date: Fri, 16 Aug 2024 (15:55 IST)
Updated Date: Fri, 16 Aug 2024 (15:54 IST)
एक दिन अपने मनचले प्रेमी से परेशान होकर प्रेमिका बोली-
...ना पिता जी की मार से,
...ना मां की फटकार से,
...ना जूतों की बौछार से।
...
तुम्हारे जैसे लोग सुधरेंगे,
रक्षाबंधन के त्योहार से...।