Hanuman Chalisa

दिल के दौरे के खतरे को दूर करेगी यह आयुर्वेदिक दवाई

Webdunia
नई दिल्ली। आयुर्वेदिक औषधि बीजीआर-34 के बारे में एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में दावा किया गया है कि यह मधुमेह के मरीजों में दिल का दौरा पड़ने के खतरे में 50 प्रतिशत की कमी लाने में प्रभावी पाई गई है।
 
 
एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह भी पाया गया कि इस आयुर्वेदिक दवा के क्लिनिकल ट्रॉयल में शामिल हुए मरीजों में ग्लाइकोसाइलेटेड हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई और यह कम से कम आधे मरीजों में यह नियंत्रण में था। ग्लाइकोसाइलेटेड हीमोग्लोबिन स्तर की जांच मधुमेह मेलिटस के दीर्घकालिक नियंत्रण की निगरानी के लिए की जाती है।
 
यह परिणाम इसके मद्देनजर महत्व रखता है कि सामान्य के नजदीक ग्लाइकोसाइलेटेड हीमोग्लोबिन स्तर माइक्रोबस्कुलर और मैक्रोवास्कुलर जटिलताओं के खतरे को कम करता है जिससे अंग और ऊतक क्षति होती है। अधिकारी ने कहा कि इस औषधि को सीएसआईआर लेबोरेटरीज, नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट (सीआईएमएपी) द्वारा तैयार किया गया है।
 
इस अध्ययन का प्रकाशन 'जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल एंड कंप्लीमेंटरी मेडिसिन' में हुआ है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मी में बेहतरीन स्वादिष्‍ट आम रस कैसे बनाएं, पढ़ें स्टेप बाय स्टेप विधि और खास कुकिंग टिप्स

B. R. Ambedkar Essay: बाबासाहेब अंबेडकर पर हिन्दी में आदर्श निबंध

मधुमेह रोगियों को नारियल पानी कब पीना चाहिए?

तपती गर्मी से राहत देगा आम का पन्ना, नोट करें विधि

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

सभी देखें

नवीनतम

इंदौर के महेश गनोकर पहुंचे अमेरिका के चुनावी मैदान में, जानें पूरी कहानी

Jyotiba Phule: ज्योतिबा फुले कौन थे, सामाजिक सुधार में उनका क्या योगदान था?

Guru Arjun Dev Ji: गुरु अर्जन देव जी का इतिहास क्या है?

लाइन…हमारी महान परंपरा है, यह अनुशासन और धैर्य सिखाती है

South Direction Home Vastu Tips: घर की दक्षिण दिशा को इन 5 तरीकों से अशुभता से बचाएं

अगला लेख