ramcharitmanas

बच्चे को रोज सुबह दूध में मिलाकर दें 2 में से 1 चीज, सेहत बनी रहेगी और दिमाग होगा तेज

Webdunia
शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2024 (19:39 IST)
Bachho ke liye dudh kaise banaye: स्कूल जाते समय बच्चे यदि नाश्ता करके नहीं जा रहे हैं तो उन्हें दूध पिलाकर जरूर भेजें। कई माएं दूध में अखरोट, बादाम, मखाने, काजू या अंजीर मिलाकर देती हैं, लेकिन हम आपको यहां किसी और ही चीज के बारे में बता रहे हैं। बच्चे को रोज सुबह दूध में मिलाकर दे दी यदि ये चीज तो सेहत बनी रहेगी और दिमाग भी तेज हो जाएगा।
 
मुनक्का : दूध में कभी कभार मुनक्का मिलकर बच्चों को दें। पहले रातभर मुनक्का को भिगोएं और फिर सुबह उसे दूध में डालकर उकालें। इसके बाद दूध को थोड़ा ठंडा करने के बाद बच्चों को पिलाएं।
 
मुनक्का का दूध पीने के फायदे:-
चिलगोजा : दूसरी चीज है चिलगोजा जो काजू बादाम से कहीं ज्यादा फायदेमंद है। इसे अंग्रेजी में पाइन नट्स कहते हैं। इसे भी रात भर पानी में भिगोकर सुबह इसे दूध में मिलाकर उबालें और फिर दूध को थोड़ा ठंडा करने के बाद बच्चों को पिलाएं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट, जिंक, प्रोटीन, फास्फोरस, विटामिन K, फाइबर, विटामिन ई, कैल्शियम और मैंगनीज होता है।
 
चिलगोजा का दूध पीने के फायदे:-
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

भारत की विभिन्नताओं में समाहित है अटूट अभिन्नता!

स्पेन में मोरक्को से घुसपैठ, यूरोपीय संघ में मचा हड़कंप

दादाजी की याद में पोती की पाती, पढ़कर आंखें भी नम होगी, उर्जा भी मिलेगी

क्यों मनाया जाता है विश्व आदिवासी दिवस? जानिए इतिहास और इसका महत्व

अभय छजलानी, पत्रकारिता के तपस्वी साधक

अगला लेख