Daily Horoscope
✕

Health Tips: दोपहर के खाने के बाद ये 5 गलतियां, खराब सेहत का बन सकती है कारण

Webdunia
अच्छी सेहत के लिए सिर्फ यही जानना जरूरी नहीं, कि क्या खाना है, कब खाना है और कैसे खाना है... बल्कि उन गलतियों को जानना भी जरूरी है जो आप दोपहर या रात के खाने के बाद अक्सर करते हैं और इसके परिणाम खराब सेहत के रूप में आपको भुगतने पड़ते हैं - 
 
 
1 आपने सुना होगा कि खाने के एकदम बाद पानी नहीं पीना चाहिए? अगर आप इसका पालन करते हैं तो ठीक है, लेकिन अगर नहीं करते और पानी पी लेते हैं तो ध्यान रखें कि कभी ठंडा पानी न पिएं। खाना खाने के बाद यह पाचन बिगाड़ सकता है। अगर आपको पीना ही है तो गुनगुना पानी पिएं, यह पाचन को और बेहतर करेगा।
 
2 खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीना अगर आपको पसंद है, तो अफसोस कि यह आपकी बड़ी गलती है। इससे शरीर आहार में मौजूद आयरन को अवशोषित नहीं कर पाता और न ही प्रोटीन को पचा पाता है। 
 
3 दोपहर का खाना खत्म करने के बाद अगर आप तुरंत अपने काम पर लौट जाते हैं और तेज चलना या अन्य गतिविधि करते हैं, तो यह भी गलती है। खाने के बाद कुछ देर रेस्ट करें उसके बाद ही एक्ट‍िव हों, वह भी धीरे।
 
4 खाने के बाद कुछ घंटों तक फल, जूस या अन्य खाद्य पदार्थों का प्रयोग न करें। ये आपके पाचन की प्रक्रिया को बाधित कर देता है।
 
5 खाने के बाद लेटना ठीक नहीं है, ना ही धूम्रपान का सेवन ठीक है। यह तेजी से आपके पाचन तंत्र और शरीर को हानि पहुंचा सकता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नवीनतम

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख