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पतंग और सेहत की सावधानी: खुशियों के साथ सुरक्षा भी जरूरी, पढ़ें 10 टिप्स

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WD Feature Desk

, बुधवार, 14 जनवरी 2026 (11:02 IST)
Kite flying n Health Safety: पतंग उड़ाना भारत में सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि परंपरा, उत्सव और खुशियों का प्रतीक है। मकर संक्रांति, बसंत पंचमी और स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। बच्चे हों या बड़े, हर कोई इस रोमांचक गतिविधि में शामिल होना चाहता है। लेकिन जितनी मस्ती पतंग उड़ाने में है, उतनी ही सेहत और सुरक्षा से जुड़ी सावधानियाi  बरतना भी ज़रूरी है।ALSO READ: मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

तेज धूप, कांच लगी डोर या चाइनीजज मांझा, ऊंची छतें, बिजली के तार और शरीर पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव, ये सभी गंभीर चोट या स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकते हैं। आज के समय में जब चाइनीज मांझा, डिहाइड्रेशन, आंखों की समस्या और सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ रहे हैं, तब पतंग उड़ाते समय स्वास्थ्य सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है।
 
यहां पाठकों की सुविधा के लिये 10 मुख्य सावधानियां दी जा रही हैं:
 
1. सुरक्षित स्थान पर उड़ाएं: पतंग उड़ाने के लिए खुला और सुरक्षित स्थान चुनें, जैसे पार्क या बड़ा मैदान। जहां आसपास किसी प्रकार की ट्रैफिक या अन्य खतरनाक चीजें न हो।
 
2. सावधान रहें बिजली की लाइनों से: पतंग उड़ाने के दौरान हमेशा यह ध्यान रखें कि आपकी पतंग बिजली की लाइनों से न टकराए। यह ना केवल आपके लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
 
3. फिजिकल स्टैमिना: पतंग उड़ाने के दौरान आप लंबे समय तक खड़े रह सकते हैं और तेज दौड़ने की जरूरत भी पड़ सकती है। अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहते, तो थकान जल्दी हो सकती है। नियमित रूप से वॉर्म-अप और स्ट्रेचिंग करें।
 
4. दूरदृष्टि और आंखों की सुरक्षा: पतंग उड़ाते समय, आकाश में लंबे समय तक देखने से आंखों में थकावट हो सकती है। अपनी आंखों को आराम देने के लिए नियमित अंतराल पर पलकें झपकाएं और आंखों को थोड़ी देर के लिए बंद कर लें। यदि आप एलर्जी से पीड़ित हैं, तो रुमाल का इस्तेमाल करें।
 
5. हाइड्रेशन: लंबे समय तक छत पर पतंग उड़ाने या बाहर रहने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त पानी पिएं। इस समय शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है।
 
6. धूप से बचाव: पतंग उड़ाते समय सूरज की सीधी रोशनी में अधिक समय बिताने से त्वचा पर असर पड़ सकता है। हमेशा सनस्क्रीन का उपयोग करें और यदि संभव हो तो हैट और चश्मे का भी इस्तेमाल करें।ALSO READ: Kite Festival 2026: मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव मनाए जाने की 10 रोचक बातें
 
7. स्वच्छ हवा में उड़ाएं: हवा की गति और दिशा पर ध्यान दें। अधिक तेज हवा में पतंग उड़ाने से नियंत्रण खोने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटना हो सकती है। खासकर छोटे बच्चों को इस तरह की हवा में पतंग उड़ाने से रोकें।
 
8. ध्यान रखें पतंग के डोर और डोर से जुड़ी सामग्री: पतंग के धागे में कांच या अन्य तेज सामग्री हो सकती है, जो खतरनाक साबित हो सकती है। इसके कारण आपको या किसी अन्य को चोंट लग सकती है। बच्चों को पतंग उड़ाते समय सावधानी से डोर थामने की सलाह दें।
 
9. बच्चों के लिए विशेष ध्यान: यदि बच्चे पतंग उड़ा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि उनके पास वयस्कों का पर्यवेक्षण हो। बच्चों को सावधानी से पतंग उड़ाने की आदत डालें और उनको फिजिकल चोटों से बचाने के लिए सुरक्षात्मक उपकरण का उपयोग करें।
 
10. संगठन और साथी से मदद: पतंग उड़ाने के लिए अधिकतर एक टीमवर्क की आवश्यकता होती है। अगर आपके साथ कोई है, तो एक दूसरे से मदद लें ताकि एक के लिए जोखिम कम हो और दूसरा सुरक्षित रह सके। यह भी सुनिश्चित करें कि सभी के पास सुरक्षा उपकरण हो।
 
सबसे जरूरी बात: इन सबके अलावा आप यदि मकर संक्रांति के अवसर पर घर से बाहर दोपहिया वाहनों या साइकिल से जा रहे हैं तो गले में दुपट्‍टा या हेलमेट का उपयोग करना ना भूलें तथा वाहन धीरे चलाएं ताकि किसी परेशानी में पड़ने पर तुरंत ही गाड़ी को संभालकर होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना से बच सकते हैं। 
 
इन सावधानियों के साथ, आप पतंग उड़ाने का आनंद बिना किसी चिंता के ले सकते हैं।ALSO READ: Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस: भगवान विष्णु के मंदिर में पीले वस्त्र का दान करें और चने की दाल का दान करें।

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