Hanuman Chalisa

ओमिक्रॉन से कीजिए बचाव, मास्क, सैनिटाइजर और हैंडवॉश का फिर थामें हाथ

Webdunia
दुनिया में एक बार फिर से कोरोना की लहर नहीं सुनामी आ गई है। भारत में इसे तीसरी लहर कहा जा रहा है। देशभर में तेजी से मामले बढ़ रहे हैं।  सैकड़ों की तादाद से मामले हजार तक पहुंच रहे हैं। जिसका लक्षण नहीं होने पर भी लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इससे बचाव के लिए लोगों को खुद ब खुद जागरूक होना की जरूरत है। एक बार फिर से 2020 और 21 का वो दौर हो आ गया जब तक लोगों ने अपनों को नहीं खोया था। हालांकि देखा जाए तो पहली दो लहर की तुलना में इस बार मौत का आंकड़ा भी कम है और लोग पहले की तुलना में जल्दी रिकवर हो रहे हैं। अगर आपकी अभी भी एक डोज बाकी है तो उसे तुरंत लगवाएं। वहीं देशभर में जितनी तेजी से डेल्टा फैल रहा था ओमिक्रॉन उससे भी अधिक तेजी से फैल रहा है।  

ओमिक्रॉन से बचाव का एक ही तरीका है...जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकले। मास्क लगाकर रखें, घर से बाहर रहने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें, हाथ धोकर ही खाना खाएं।  अपने नाक और को मुंह को बार-बार नहीं छुए। यह संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है। 
 
आसपास संक्रमित हो रहे लोगों से सीख लें। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें। अगर आपके घरों में बच्चे, बुजुर्ग या गर्भवती महिला है तो उनके बचाव के लिए सख्ती से कोविड नियमों का पालन करें। जी हां, बच्चों में संक्रमण होने पर वह बुजुर्ग में तेजी से फैलता है। वहीं गर्भवती महिलाओं के लिए समस्या बढ़ जाती है। इसलिए भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें। कोशिश करें इकट्ठा सामान ही लेकर आए। वर्तमान में

वैक्सीनेशन के अलावा कोविड नियमों का पालन कर इसकी चपेट में आने से बचा जा सकता है।  

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

क्या थम जाएगा ईरान युद्ध या यह केवल तूफान से पहले की शांति है?

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

LPG गैस के बिना शाकाहारी व्यंजन: 10 स्वादिष्ट और सेहतमंद चाट रेसिपी

सभी देखें

नवीनतम

नक्सल मुक्त भारत की सफलता के बाद अब नई चुनौती

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर अपने प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं और स्टेटस, देखते ही खुश हो जाएगा मन

पुण्यतिथि विशेष: गुरु हरि किशन कौन थे, जानें 'बाल गुरु' का सिख धर्म में योगदान

April Fools Day 2026: आज के दिन झूठ बोलना पाप नहीं, कला है (अप्रैल फूल डे)

ईरान पर भारत का रुख सही

अगला लेख