Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
आपके भोजन में रेशा यानी फाइबर उतना ही जरूरी है जितना कि प्रोटीन, विटामिन या मिनरल। फल, सब्जी, साबुत अनाज और दालों से रेशा प्राप्त किया जा सकता है। भारतीय भोजन में रेशा मौसमी फल, रोटी, सब्जी, तुअर दाल, उड़द दाल, मूंग की दाल, राजमा आदि से प्राप्त हो सकता है। रेशा या फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है। सिर्फ इतना ही नहीं भोजन में पर्याप्त फाइबर, डाइबिटीज, कैंसर, हृदय रोग और मोटापे को भी दूर रखता है।
रेशा प्रिबायोटिक है। इससे कोलोन में मित्र बैक्टीरिया में वृद्धि होती है।
फाइबर एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है।
डाइट में लिया गया फाइबर बुरे कॉलेस्ट्रॉल को भी बढ़ने से रोकता है।
रेशे वाला भोजन खाने की संतुष्टि देता है। इससे पेट भरा रहता है।
इसके विपरीत रेशे रहित पदार्थ मैदा इत्यादि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।