Hanuman Chalisa

सर्दी के मौसम में डायबिटीज के मरीज रखें यह सावधानियां

Webdunia
डॉ. हेमंत शर्मा 
 
शीत ऋतु यूं तो स्वास्थ्य की दृष्टि से सभी के लिए अनुकूल एवं उपयुक्त समय होता है, किंतु मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों के लिए इस मौसम का विशेष महत्व होता है। छोटे दिन-बड़ी रातें शरीर को अधिक आराम की सहूलियत देते हैं तो सशक्त पाचन शक्ति हर प्रकार के आहार को बखूबी पचाकर शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती है। 
 
मधुमेह को यदि सामान्य शब्दों में परिभाषित करें तो 'इस बीमारी में शरीर का पाचन तंत्र (डाइजेस्टिव सिस्टम) कमजोर हो जाता है। शरीर, शर्करा (ग्लूकोज) को ही पचाने में सक्षम नहीं होता, वरन्‌ भोजन के रूप में खाए जाने वाले सभी पदार्थों को ठीक से पचा नहीं पाने के कारण कब्ज, वायु विकार (गैस्ट्राइटिस) और कमजोरी से पीड़ित हो जाता है।' 
 
मधुमेह के मरीजों के शरीर में ग्लूकोज की जगह प्रोटीन का पाचन होने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जिसके कारण मरीज दुबलेपन और अशक्तता के शिकार होते हैं। अतः मधुमेह के मरीजों के शरीर में प्रोटीन की मांग निरंतर बनी रहती है। इसके अलावा मधुमेह रोग में रोगी की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होने से शरीर मौसमी परिवर्तनों में बारंबार बीमार होना, चोट-घाव का जल्द ठीक न होना जैसे सामान्य रोगों से निरंतर पीड़ित रहता है। 
 
मधुमेह में शीत ऋतु की उपयोगिताः 
मधुमेह में शरीर से प्रोटीन की हानि की पूर्ति करने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम होता है, क्योंकि प्रोटीन के सभी स्रोत एवं स्वयं प्रोटीन गरिष्ठ पदार्थों की श्रेणी में आते हैं। जैसे सभी प्रकार की दालें, सूखे मेवे विशेषकर काजू, बादाम, अखरोट, मूँगफली आदि ऐसे भोज्य पदार्थ हैं, जिनका उचित पाचन सिर्फ जाड़े के मौसम में ही हो सकता है। 
 
मधुमेह रोगियों को इस मौसम का भरपूर उपयोग करते हुए प्रोटीनयुक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। प्रोटीनयुक्त पदार्थों के सेवनकाल में कसरत और पैदल भ्रमण करने से शरीर पुष्ट होता है, जिससे कमजोरी दूर होती है। अतः इस मौसम में भी हल्के व्यायाम और सुबह-शाम पैदल सैर करना बेहद लाभदायक होता है। 
 
मधुमेह रोग में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से रोगी को अनेक तकलीफों का सामना करना पड़ता है। अतः मधुमेह रोगियों के लिए सर्दियों के मौसम में आंवला, हल्दी, कालीमिर्च, तुलसी जैसी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुओं का उपयोग लाभकारी होता है। इस रोग में तंत्रिका तंत्र पर रोग का दुष्प्रभाव होता है। हाथ-पैर की उंगलियों में सुन्नपन का आभास होता है। जाड़े के दिनों में हाथों व पैरों की उंगलियों को हिलाने या उंगलियों का व्यायाम करने से तंत्रिकाओं में शक्ति एवं शरीर के दूरस्थ भागों में रक्त का संचार सुधरता है। 
 
ये सभी हिदायतें देखने-सुनने में अत्यंत साधारण होते हुए अति महत्वपूर्ण हैं, जिनके उपयोग से मधुमेह से होने वाली अनेक तकलीफों से बचा जा सकता है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

नवीनतम

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

Banyan Tree Benefits: शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन से हैं परेशान? आयुर्वेद में छिपा है बरगद के फल और दूध का यह पारंपरिक नुस्खा

World Emoji Day 2026: विश्व इमोजी दिवस: कब और क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और रोचक तथ्य

बेमिसाल बच्‍चे अदृश्‍य शक्‍तियों से मचाएंगे धमाल, अभिषेक छजलानी की कॉमिक्‍स में खुलेंगे रहस्‍य, देश के दुश्‍मनों को देंगे पटखनी

अगला लेख