Festival Posters

Coronavirus Vaccination :पहले डोज के कितने दिन बाद वैक्सीन लगवाएं, जानिए Experts से

Webdunia
भारत में कोरोना का प्रकोप लगातार जारी है। इस बीच कोरोना वैक्सीन से बहुत हद तक राहत भी मिल रही है।  हालांकि वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन पहले की तरह मरीज बहुत अधिक गंभीर बीमार नहीं हो रहे हैं। सीविरियटी केस यानी गंभीर मरीज की मृत्यु होने की एक वजह है को-मोर्बेडिटी। जिसमें हाइपरटेंशन, डायबिटीज, हृदय रोग और शुगर जैसी समस्या है उनकी मृत्यु हो रही है।  
 
इन दिनों वैक्सीनेशन को लेकर कई लोग भ्रम की स्थिति में है। उन्हें वैक्सीन कब लगाना है? पहले डोज के कितने दिन बाद वैक्सीन लगवाएं? इन सवालों के जवाब के लिए वेबदुनिया ने डॉ.निखिलेश जैन से चर्चा की। आइए जानते हैं क्या कहा उन्होंने -
 
वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद भी कोरोना हो रहा है ?   
 
डोज लगने के बाद भी कोरोना हो रहा है लेकिन सबसे अच्छी बात है वह गंभीर रूप से नहीं हो रहा है। लोग इलाज मिलने पर ठीक हो रहे हैं।
 
वैक्सीनेशन का दूसरा डोज कितने अंतराल के बाद लेना चाहिए?
 
आमतौर पर वैक्सीनेशन के डोज में जो अंतराल रहता है वह 6 से 8 सप्ताह का हो यानी 42 दिन 56 दिन। अगर इस बीच किसी को कोविड हो जाता है तो जिस दिन आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई उस दिन के बाद से आप 7 से 8 सप्ताह बाद अगली डोज लगवा सकते हैं।
 
कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों के डोज में कितने दिन का अंतराल रखना चाहिए?
 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि आप किसी वैक्सीनेशन के बीच जितना अधिक गैप यानी कम से कम 8 सप्ताह का अंतराल रखते हैं तो रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक बढ़ेगी।
 
कोविशील्ड वैक्सीन के शुरूआती दौर में 4 से 6 हफ्ते का अंतराल हुआ करता था, वह अब 4 से 8 सप्ताह कर दिया गया है।
 
कोवैक्सीन को 4 से 6 हफ्ते के बाद दूसरा डोज लिया जा सकता है।  
 24 घंटे कोरोना का डर, दूसरी बीमारियों को बुलावा, जानिए सीधे एक्सपर्ट से

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

नास्तिकता बस एक मिथ्या भाव है

Chandra Shekhar Azad: आजाद शहीद दिवस, जानें महान क्रांतिकारी के बारे में 10 अनसुने तथ्य

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

Vinayak Damodar Savarkar: वीर सावरकर की क्या है कहानी, जानें उनका योगदान

अहिंसा की जन्नत बनता गांधी का देश

अगला लेख