Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
भारत में किसी भी खुशी के मौके पर मुंह मीठा किया जाता है। साथ ही डिनर के बाद अधिकतर लोग डेजर्ट खाना पसंद करते हैं। भारतीय व्यंजन में मिठाइयों का बहुत महत्व है और हर भारतीय किचन में शक्कर एक महत्वपूर्ण सामग्री है। सफेद चीनी जिसे टेबल शुगर भी कहते हैं, क्या आपको पता है इसे कैसे बनाया जाता है? सफेद चीनी रिफाइंड गन्ने या बीट्स (beets) से बनती है, जिसमें से फूड प्रोसेसर के द्वारा एक प्राकृतिक स्वीटनर सुक्रोज एक्सट्रैक्ट किया जाता है। कई लोग सफेद चीनी की जगह ब्राउन शुगर का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आपने कभी केन शुगर (cane sugar) के बारे में सुना है? चलिए जानते हैं इसके बारे में..
क्या है केन शुगर?
केन शुगर एक ऑर्गेनिक रूप से उगाए गए गन्ने से बनी अनरिफाइंड शुगर है। इसकी प्रोसेसिंग में गन्ने का रस निकालने के लिए गन्ने को धोकर काटा और क्रेश किया जाता है। यह एक तरह का अनरिफाइंड गुड़ होता है। इस रस को उबालकर सेंट्रीफ्यूज(सेंट्रीफ्यूज एक इक्विपमेंट है जिसका उपयोग फ्लूइड, गैस या लिक्विड को अलग करने के लिए किया जाता है।) में घुमाया जाता है और क्रिस्टल बनाने के लिए सुखाया जाता है। इसके रिजल्ट में कम प्रोसेस्ड शुगर प्राप्त होती है जिसका रंग हल्का होता है और स्वाद थोड़ा अलग होता है।
सफेद और ब्राउन शुगर से कैसे अलग है केन शुगर?
केन शुगर का रिफाइंड फॉर्म को ही व्हाइट शुगर कहते हैं। फूड प्रोसेसर से शक्कर को रिफाइन करने के बाद, उसे सफेद बनाने के लिए कार्बन फिल्ट्रेशन सिस्टम के लिए प्रोसेस किया जाता है। इस तरह केन शुगर से व्हाइट शुगर बनती है। साथ ही ब्राउन शुगर भी केन शुगर से बनती है। ब्राउन शुगर बनाने के लिए सिर्फ गन्ने के गुड़ का उपयोग किया जाता है। गुड़ के कारण ही ब्राउन शुगर का रंग ब्राउन होता है।
क्या केन शुगर फायदेमंद होती है?
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केन शुगर को हेल्दी माना जाता है क्योंकि ये लेस प्रोसेस्ड शुगर है। इसलिए इसमें पोषक तत्व मेन्टेन रहते हैं।
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केन शुगर में 17 अमीनो एसिड, 11 खनिज और 6 विटामिन होते हैं।
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हालांकि इन पोषक तत्व की क्वांटिटी इतनी कम होती है कि इनसे कोई खास फायदा नहीं होता है।
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यह जल्दी खराब नहीं होती है, इसलिए इसकी शेल्फ लाइफ अच्छी होती है।