गुरु पूर्णिमा पर पढ़ें ये 5 शक्तिशाली मंत्र, मिलेंगे अनेक चमत्कारी लाभ
गुरु पूर्णिमा के प्रभावशाली मंत्र देंगे जीवन में अपार सफलता और फायदे
Publish Date: Tue, 08 Jul 2025 (12:45 IST)
Updated Date: Tue, 08 Jul 2025 (12:42 IST)
Guru Purnima Mantras : गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह पर्व महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्हें हिंदू धर्म में आदिगुरु माना जाता है। गुरु का हमारे जीवन में विशेष स्थान होता है, वे हमें अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाते हैं और सही मार्ग दिखाते हैं।
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वर्ष 2025 में गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई, गुरुवार को मनाई जाएगी। अत: गुरु पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन में अपार सफलता, ज्ञान और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यहां गुरु पूर्णिमा पर जपने योग्य कुछ प्रमुख और प्रभावशाली मंत्र दिए गए हैं, जो आपके जीवन में सकारात्मकता और सफलता ला सकते हैं:
गुरु पूर्णिमा पर जपें ये खास मंत्र:
1. गुरु वंदना मंत्र: यह मंत्र गुरु के महत्व और उनके प्रति समर्पण को दर्शाता है। मंत्र: 'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥' अर्थ: गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरु ही साक्षात् भगवान महेश्वर (शिव) हैं। गुरु ही साक्षात् परब्रह्म हैं, ऐसे श्री गुरु को मेरा नमस्कार है।
- फायदे: इस मंत्र का जाप गुरु के प्रति असीम श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करता है, जिससे उनका आशीर्वाद सदैव बना रहता है।
2. गुरु गायत्री मंत्र: गुरु गायत्री मंत्र गुरु से ज्ञान और बुद्धि प्राप्त करने का शक्तिशाली माध्यम है। मंत्र: 'ॐ गुरुदेवाय विद्महे, परम गुरुवे धीमहि, तन्नो गुरुः प्रचोदयात्॥' अर्थ: हम गुरुदेव को जानते हैं, परम गुरु का ध्यान करते हैं, गुरु हमें प्रेरणा दें।
- फायदे: यह मंत्र गुरु के रूप में ब्रह्मांडीय ऊर्जा का आह्वान करता है, जो हमें सही दिशा में मार्गदर्शन और प्रेरणा देती है।
3. भगवान विष्णु का मंत्र: गुरु पूर्णिमा भगवान विष्णु से भी जुड़ी है, क्योंकि महर्षि वेदव्यास को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। मंत्र: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥' अर्थ: भगवान वासुदेव (विष्णु) को मेरा नमस्कार है।
4. ॐ का जाप: 'ॐ' (ओम्) सभी मंत्रों का मूल और ब्रह्मांड की ध्वनि है। मंत्र 'ॐ' गुरु और शिष्य के बीच के संबंध को भी दर्शाता है।
- फायदे: 'ॐ' का जाप मन को शांत करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे गुरु के प्रति एकाग्र होकर ध्यान कर सकते हैं।
5. ज्ञान प्राप्ति के लिए मंत्र: ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। मंत्र: 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥' अर्थ: देवगुरु बृहस्पति को मेरा नमन है।
- फायदे: यह मंत्र गुरु बृहस्पति को समर्पित है, जो ज्ञान, बुद्धि और शिक्षा के देवता माने जाते हैं। उनके आशीर्वाद से शिक्षा और करियर में सफलता मिलती है।
मंत्र जाप की विधि:
• गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
• अपने गुरु यानी यदि जीवित हों तो उनसे मिलकर, या उनकी तस्वीर के सामने या भगवान वेदव्यास की तस्वीर/मूर्ति के सामने बैठें।
• शांत मन से इनमें से किसी भी मंत्र का 108 बार या एक माला अथवा अपनी श्रद्धानुसार अधिक बार जाप करें।
• जाप के बाद गुरुजनों का ध्यान करें और उनसे आशीर्वाद की प्रार्थना करें।
इन मंत्रों का जाप आपको गुरुओं का आशीर्वाद दिलाने के साथ-साथ आपके जीवन में ज्ञान, सकारात्मकता और अपार सफलता के द्वार खोलेगा।
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WD Feature Desk
Publish Date: Tue, 08 Jul 2025 (12:45 IST)
Updated Date: Tue, 08 Jul 2025 (12:42 IST)