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गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम 2026: भाजपा की एकतरफा बढ़त, 'आप' ने आदिवासी बेल्ट में दिखाया दम

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गुजरात में 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की कुल 9200 सीटों के लिए हुए मतदान की आज गणना की जा रही है। अब तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी मजबूती से आगे बढ़ रही है। विशेष रूप से अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे बड़े शहरों में भाजपा ने शुरुआती बढ़त बनाकर अपना दबदबा बनाए रखा है। 41.8 मिलियन मतदाताओं के जनादेश के परिणाम अब धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहे हैं।
 

अहमदाबाद में भाजपा का वर्चस्व

अहमदाबाद नगर निगम के 192 वार्डों में से अब तक घोषित रुझानों में भाजपा 46 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस केवल 7 सीटों पर ही अपनी बढ़त बनाए रख पाई है। अहमदाबाद के थलतेज वार्ड में भाजपा की महिला उम्मीदवार रीटाबेन ठाकोर निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गई हैं। वहीं मध्य गुजरात के पंचमहल जिले की गोधरा नगरपालिका में भी भाजपा ने 44 में से 4 सीटों पर जीत के साथ सकारात्मक शुरुआत की है।
 

वडोदरा में कांग्रेस के दिग्गज की हार

वडोदरा नगर निगम के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। वार्ड नंबर 13 में भाजपा के पूरे पैनल ने जीत हासिल की है। कांग्रेस के कद्दावर नेता बालू सुर्वे को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, वार्ड नंबर 16 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत श्रीवास्तव का पैनल आगे चल रहा है। वडोदरा की कुल 76 सीटों में से भाजपा अब तक 18 सीटों पर कब्जा कर चुकी है।
 

सूरत में 'आप' की चुनौती और झटके

सूरत में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी है। सूरत नगर निगम के वार्ड नंबर 2 में 'आप' ने भाजपा को हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। हालांकि, उसके वरिष्ठ नेता और प्रदेश महासचिव मनोज सोरठिया अपनी सीट नहीं बचा सके और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सूरत में अब तक भाजपा 20 सीटों पर और कांग्रेस 3 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है।
 

राजकोट में 'बुलडोजर एक्शन' का असर

राजकोट के वार्ड नंबर 16 में 'बुलडोजर कार्रवाई' का मुद्दा भाजपा पर भारी पड़ता दिख रहा है। जंगलेश्वर डिमोलिशन केस के बाद मतदाताओं के गुस्से के कारण भाजपा का पूरा पैनल यहां चुनाव हार गया और कांग्रेस की पूरी पैनल ने जीत हासिल की। अन्य क्षेत्रों की बात करें तो राजकोट में भाजपा 20 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके अलावा जसदन की आटकोट सीट पर 'आप' ने जीत दर्ज की है।
 

छोटे दलों का उदय और नई एंट्री

इन चुनावों में छोटे दलों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कच्छ की भुज नगरपालिका के वार्ड नंबर 1 में AIMIM के तीन उम्मीदवार जीते हैं, जो कच्छ जिले में उनकी पहली चुनावी जीत है। दूसरी ओर, राणावाव नगरपालिका के वार्ड 6 में समाजवादी पार्टी ने भी अपना खाता खोल लिया है। ये नतीजे दर्शाते हैं कि स्थानीय स्तर पर मतदाता अब पारंपरिक दलों के अलावा नए विकल्पों को भी मौका दे रहे हैं।
 

आदिवासी बेल्ट और चैतर वसावा का प्रभाव

आदिवासी क्षेत्रों और दक्षिण गुजरात में चैतर वसावा के प्रभाव के चलते आम आदमी पार्टी ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। छोटाउदयपुर की चिसाडिया जिला पंचायत और बोरडा तालुका पंचायत सीटों पर 'आप' विजयी रही है। अमरेली के धारी क्षेत्र में भी 'आप' ने भाजपा के पैनल को तोड़ते हुए दो सीटों पर कब्जा किया है। दाहोद और भरूच के ग्रामीण इलाकों में भी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने अपनी जीत दर्ज की है।
 

पोरबंदर और भरूच में राजनीतिक बदलाव

पोरबंदर और भरूच में भी बड़े उलटफेर देखने को मिले हैं। दिग्गज नेता अर्जुन मोढवाडिया के भाजपा में शामिल होने के बाद पोरबंदर नगर निगम पर भाजपा ने पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। हालांकि, भरूच नगर निगम के वार्ड नंबर 1 में कांग्रेस का पूरा पैनल विजेता रहा है। बनासकांठा के अंबाजी और पालनपुर क्षेत्रों में भी कांग्रेस ने कुछ महत्वपूर्ण सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
 

चुनावी निष्कर्ष और भविष्य के संकेत

कुल मिलाकर अब तक के रुझानों के अनुसार, गुजरात के बड़े शहरों और नगर निगमों में भाजपा का वर्चस्व बरकरार है, लेकिन तालुका और जिला पंचायतों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ भारी मतदान और छोटे दलों की सक्रियता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में गुजरात के राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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