Publish Date: Thu, 20 Aug 2026 (12:28 IST)
Updated Date: Thu, 20 Aug 2026 (12:37 IST)
गुजरात सरकार ने अनारक्षित वर्ग के छात्रों को एक बड़ी राहत दी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए विदेश अध्ययन ऋण योजना के तहत पारिवारिक वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है।
19 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक संकल्प के अनुसार, अब 10 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र इस योजना के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए ऋण पाने के पात्र होंगे। पहले इस योजना का लाभ उठाने के लिए अधिकतम आय सीमा 6 लाख रुपये थी, जिसमें अब 4 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
पिछले संकल्प के अन्य सभी प्रावधान यथावत रहेंगे
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 'विदेश अध्ययन ऋण योजना' के तहत पहले जारी किए गए वर्तमान संकल्पों के अन्य सभी प्रावधान यथावत (जैसे थे वैसे ही) रहेंगे। यह फैसला वित्त विभाग और सरकार की 3 अगस्त 2026 की टिप्पणी से मिली मंजूरी के तहत जारी किया गया है।