Publish Date: Fri, 14 Aug 2026 (10:01 IST)
Updated Date: Fri, 14 Aug 2026 (10:13 IST)
अहमदाबाद शहर के कुछ क्षेत्रों में हर मानसून में पैदा होने वाली जलभराव की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा इसके स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। आंबली, बोपल, घुमा और शेला जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बारिश के पानी के भराव से होने वाली परेशानियों का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गंभीर संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नागरिकों को राहत दिलाने और स्थायी समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
AMC द्वारा हाइड्रोलॉजिकल सर्वे और मास्टर प्लान की तैयारी
केंद्रीय गृहमंत्री के निर्देश मिलते ही अहमदाबाद नगर निगम (AMC) तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कराया गया है। इस सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर बारिश के पानी की त्वरित और उचित निकासी के लिए एक विशेष 'स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान' तैयार किया गया है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
ड्रेनेज नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
इस मास्टर प्लान के तहत वर्तमान ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी का मूल्यांकन किया गया है। इसके अनुसार नया ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों की लाइनों को आपस में जोड़ने (इंटर-कनेक्शन) की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, बार-बार पानी भरने वाले 'वाटर-लॉगिंग स्पॉट्स' की पहचान कर उन्हें दूर करने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। निचले इलाकों में लंबे समय तक पानी जमा न रहे और पानी का बहाव सुचारू रूप से बना रहे, इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित किया जाएगा।
गोता-गोधावी नहर, साबरमती नदी और स्थायी समाधान की उम्मीद
योजना के मुख्य भाग के रूप में बारिश के पानी को गोता-गोधावी नहर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि अन्य आवश्यक स्थानों से पानी के बहाव को साबरमती नदी तक पहुंचाने की योजना है। इन कदमों के लागू होने के बाद आंबली, बोपल, घुमा और शेला के निवासियों को मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब मास्टर प्लान के चरणबद्ध कार्यान्वयन पर नजर रखी जाएगी ताकि हर साल आने वाली इस मुसीबत का स्थायी समाधान हो सके।