rashifal-2026

Gangaur: गणगौर तीज, जानिए पर्व का महत्व और पूजा विधि

WD Feature Desk
शनिवार, 29 मार्च 2025 (13:30 IST)
Gangaur 2025: हिंदी पंचांग कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर पूजा पर्व मनाया जाता है। गणगौर पूजा को गौरी तीज या गौरी तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। गणगौर एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है, जो विशेष रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में मनाया जाता है। यह त्योहार देवी पार्वती (गौरी) को समर्पित त्योहार है।ALSO READ: होलिका दहन और धुलेंडी के अलग अलग हैं रिवाज, जानकर करेंगे आश्चर्य

आइए जानते हैं वर्ष 2025 में गणगौर पर्व कब मनाया जा रहा है... 
 
गणगौर का महत्व: गणगौर का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है। गणगौर एक रंगीन और जीवंत त्योहार है जो हिंदू संस्कृति में महिलाओं के महत्व को दर्शाता है। गणगौर का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। वे अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए देवी पार्वती की पूजा करती हैं। साथ ही इस दिन अविवाहित लड़कियां भी अच्छे पति की कामना के लिए इस त्योहार को मनाती हैं।
 
गणगौर 2025 में कब है : प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर पूजा मनाई जाती है। इस बार गणगौर का पर्व 31 मार्च, सोमवार को मनाया जाएगा। दिल्ली समयानुसार तृतीया तिथि 31 मार्च 2025 को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी और 01 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, इस बार गणगौर व्रत 31 मार्च को रखा जाएगा।ALSO READ: चैत्र नवरात्रि कैसे है शारदीय नवरात्रि से अलग, जानिए 7 अंतर
 
गणगौर की परंपराएं:
• इस दिन महिलाएं देवी पार्वती की मिट्टी की मूर्तियां बनाती हैं और उन्हें सजाती हैं।
• वे पारंपरिक गीत गाती हैं और नृत्य करती हैं।
• वे देवी पार्वती को विशेष प्रकार के भोजन का भोग लगाती हैं।
• गणगौर के जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें महिलाएं देवी पार्वती की मूर्तियों को लेकर जाती हैं।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: चैत्र नवरात्रि 2025 का प्रारंभ कब होगा, घट स्थापना का क्या है मुहूर्त?

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Narmada Jayanti 2026: 25 जनवरी को मनेगा मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव, जानें कलियुग में कैसे करें मां नर्मदा की भक्ति

भगवान देवनारायण की रहस्यमयी कथा: कौन थे और क्यों माने जाते हैं अवतार?

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय

नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व?

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

अगला लेख