biodatamaker

भगवान श्रीगणेश के दिव्य और चमत्कारी मंत्र, 10 दिन अवश्य पढ़ें

Webdunia
धार्मिक पौराणिक शास्त्रों के अनुसार श्री विनायकजी की अर्चना से अर्थ, विद्या, बुद्धि, विवेक, यश, प्रसिद्धि, सिद्धि की उपलब्धि सहज ही प्राप्त हो जाती है। ऐसे विघ्न विनाशक भगवान श्रीगणेश का निम्न मंत्रों से जाप करने से विघ्न, आलस्य, रोग आदि का तत्काल निवारण हो जाता है। आइए जानें  भगवान श्रीगणेश के तुरंत असरकारी मंत्र... 

ALSO READ: कैसे होंगे भगवान श्री गणेश प्रसन्न, पढ़ें 5 उपाय
 
गणपतिजी का बीज मंत्र 'गं' है। इनसे युक्त मंत्र- 'ॐ गं गणपतये नमः' का जप करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। षडाक्षर मंत्र का जप आर्थिक प्रगति व समृद्धि प्रदायक है।
 
- ॐ वक्रतुंडाय हुम्‌
 
किसी के द्वारा नेष्ट के लिए की गई क्रिया को नष्ट करने के लिए, विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए उच्छिष्ट गणपति की साधना करना चाहिए। इनका जप करते समय मुंह में गुड़, लौंग, इलायची, पताशा, ताम्बुल, सुपारी होना चाहिए। यह साधना अक्षय भंडार प्रदान करने वाली है। इसमें पवित्रता-अपवित्रता का विशेष बंधन नहीं है।
 
उच्छिष्ट गणपति का मंत्र
 
- ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा
 
आलस्य, निराशा, कलह, विघ्न दूर करने के लिए विघ्नराज रूप की आराधना का यह मंत्र जपें -
 
- गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:
 
विघ्न को दूर करके धन व आत्मबल की प्राप्ति के लिए हेरम्ब गणपति का मंत्र जपें -
 
- 'ॐ गं नमः'
 
रोजगार की प्राप्ति व आर्थिक वृद्धि के लिए लक्ष्मी विनायक मंत्र का जप करें-
 
- ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
 
विवाह में आने वाले दोषों को दूर करने वालों को त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र का जप करने से शीघ्र विवाह व अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति होती है-
 
- ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
 
इन मंत्रों के अतिरिक्त गणपति अथर्वशीर्ष, संकटनाशन गणेश स्तोत्र, गणेशकवच, संतान गणपति स्तोत्र, ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र, मयूरेश स्तोत्र, गणेश चालीसा का पाठ करने से गणेशजी की कृपा प्राप्त होती है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 03 सितंबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

सितंबर में कब मनेगी बाबू दोज? इस दिन किसकी होती है पूजा? जानिए पर्व से जुड़ी मुख्‍य बातें...

गोगा नवमी 2026: गोगा जी महाराज पूजन विधि, कथा और आरती

Shri Krishna Janmashtami 2026: 4 या 5 सितंबर, कब है जन्माष्टमी?

मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर: जानिए 12 राशियों पर इसका प्रभाव

अगला लेख