Hanuman Chalisa
✕

अनंत चतुर्दशी 2020 : विष्णुजी ने की थी 14 लोकों की रचना,चतुर्दशी पर जानिए श्रीहरि के14 नाम

Webdunia
पौराणिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल से अनंत चतुर्दशी व्रत की शुरुआत हुई। यह भगवान विष्णु का दिन माना जाता है। अनंत भगवान ने सृष्टि के आरंभ में चौदह लोकों की रचना की थी। 
 
भगवान् श्रीहरि विष्णु द्वारा निर्मित चौदह लोक 
 
1. तल, 2. अतल, 3. वितल, 4. सुतल, 5. तलातल, 6. रसातल, 7. पाताल, 8. भू, 9. भुवः, 10. स्वः, 11. जन, 12. तप,13. सत्य, 14. मह 
 
 
भगवान् श्रीहरि विष्णु के चौदह नाम 
 
 1. अनंत, 2. ऋषिकेश, 3. पद्मनाभ, 4. माधव, 5. वैकुंठ, 6. श्रीधर, 7. त्रिविक्रम, 8. मधुसुदन, 9. वामन, 10. केशव, 11. नारायण, 12. दामोदर, 13. गोविन्द, 14. श्रीहरि
 
इन लोकों का पालन और रक्षा करने के लिए वह स्वयं भी चौदह रूपों में प्रकट हुए थे, जिससे वे अनंत प्रतीत होने लगे। इसलिए अनंत चतुर्दशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और अनंत फल देने वाला माना गया है।
 
मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ यदि कोई व्यक्ति श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करता है, तो उसकी समस्त मनोकामना पूर्ण होती है। धन-धान्य, सुख-संपदा और संतान आदि की कामना से यह व्रत किया जाता है। भारत के कई राज्यों में इस व्रत का प्रचलन है। इस दिन भगवान विष्णु की लोक कथाएं सुनी जाती है। 

ALSO READ: Anant chaturdashi katha : अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा किस्मत बदल देती है...

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Shukra Gochar 2026: 24 अक्टूबर से बदलेगी किस्मत! शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन इन 7 राशियों को बनाएगा धनवान

Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा 2026 में कब है, 25 या 26 अक्टूबर को?

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 23 अक्‍टूबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

कब रखा जाएगा आश्विन पूर्णिमा व्रत? क्‍या है इसका महत्‍व? जानिए पूजा विधि और नियम

शरद पूर्णिमा 2026: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और धन-समृद्धि पाने के 5 महाउपाय

अगला लेख