Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 (09:31 IST)
Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 (20:06 IST)
प्रश्न : दद्दू जी, दीपावली मनाने के लिए बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी-पेशा लोग महानगरों से अपने गृहनगर लौटकर माता-पिता के साथ त्योहार मनाना चाहते हैं। रेलगाड़ियों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं। मौके का फायदा उठाने के लिए बस और विमान कंपनियों ने किराए आसमान पर पहुंचा दिए हैं। बताइए, मध्यमवर्गीय इंसान करे तो क्या करे?
उत्तर : देखिए, दीपावली जैसे बड़े त्योहारों के पहले यह समस्या हर साल सामने आती है। इसका एक ही उपाय है, यात्रा की दिशा बदल दी जाए यानी गृह नगर से निकलकर माता-पिता ही बच्चों के पास दीपावली मनाने पहुंच जाएं।
एक तरह से उनकी सालाना सैर भी हो जाएगी। वर्षों से एक ही जगह सीमित जीवन में बदलाव आएगा। विपरीत दिशा में यात्रा के लिए सुगम और सस्ते विकल्प भी मिल जाएंगे। होटल में ठहरना पड़े तो वह भी अपेक्षाकृत सस्ता मिलेगा।
याद रखिए, अवरोध आने पर नदी भी अपनी धारा बदल लेती है। परंपराओं की धारा भी मोड़ी जा सकती है। बस, पहल करने की जरूरत है।