Hanuman Chalisa

फलाहारी थाली पीठ कैसे बनाते हैं, नोट कर लें ये सरल विधि

Webdunia
Thali peeth Recipe
 
सामग्री :Thali peeth Ingredient
 
250 ग्राम साबूदाना, 1/2 कटोरी भूने हुए मूंगफली दाना, 1 खीरा ककड़ी, 2 पतली हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/4 चम्मच शकर, देसी शुद्ध घी, सेंधा नमक स्वाद के अनुसार, 1/4 कटोरी बारीक कटा हरा धनिया।
 
विधि : Falahari Thali peeth Recipe
 
- अगर आप व्रत-उपवास रख रहे हैं तो फलाहारी थाली पीठ बनाने के लिए 250 ग्राम साबूदाने को एक-दो घंटे के लिए भीगो कर रख दें। 
 
- भूने दाने के छिलके उतार लें और मिक्सी में पीस लें। 
 
- अब ककड़ी को छिलकर कद्दूकस करके उसका अतिरिक्त पानी निचोड़ दें। 
 
- उपरोक्त सभी सामग्री साबूदाने में डालें और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर उसे गूंथ लें। 
 
- तैयार मसाले की थोड़ी बड़ी साइज की लोई बना लें। 
 
- अब हथेली पर घी या पानी की सहायता से उसे थाप कर पूरी या पूरी से थोड़े बड़े आकार में तैयार कर लें। 
 
- इसे अधिक पतली रोटी की तरह न करें, थोड़ी मोटी रहने दें। 
 
- अब कड़ाही में 1/2 छोटा चम्मच घी गरम करके थोड़ा-सा जीरा डालें और उसमें थाली पीठ रख दें।
 
- इसे धीमी आंच पर अच्छी तरह सेंक लें। जरूर‍त हो तो ऊपर से और घी साइड की किनारों से छोड़ें। 
 
- दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंकने के पश्चात व्रत में खाने योग्य गरमा-गरम स्वादिष्‍ट फलाहारी थाली पीठ सर्व करें। 
 
- परोसते समय हरी चटनी या दही का रायते भी सर्व करें।

ALSO READ: Sawan 2022: सावन व्रत में बनाएं सिंघाड़े के आटे के पकोड़े, जानें रेसिपी

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

भरपूर लाभ के लिए रोज करें मंडूकासन; जानिए इसे करने का सही तरीका

पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

jharkhand recipe: झारखंड का पारंपरिक पकवान ओकोपोको, जानिए कैसे बनता है यह व्यंजन

जब रास्ते बंद दिखें… समझ लो किस्मत नया दरवाज़ा खोल रही है

ताड़ासन शरीर को फौलादी और सुडौल बनाने वाला योगासन, इसके हैं 5 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

18 जून को क्यों याद की जाती हैं रानी लक्ष्मीबाई? जानें उनके बलिदान की पूरी कहानी

Hindi Poem on Yoga: योग पर हिन्दी कविता: आओ मिलकर योग करें

Guru Arjan Dev: कैसे मनाया जाता है गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस?

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जानिए इस बार की थीम, उद्देश्य और खास कार्यक्रम

नज़्म: बरसात का मौसम

अगला लेख