पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से मिलता है सभी प्रकार के यज्ञों, व्रतों एवं तपश्चर्या का फल
Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
Padmini Ekadashi 2023 : आज 29 जुलाई 2023, शनिवार को पद्मिनी एकादशी व्रत रखा जा रहा है। अधिक मास में आने वाली इस एकादशी का महत्व बहुत अधिक है। क्योंकि इस बार श्रावण और पुरुषोत्तम मास का अद्भुत संयोग होने के कारण यह व्रत सभी प्रकार के यज्ञों, व्रतों एवं तपश्चर्या का फल देने में सक्षम है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार 3 साल में आने वाली ये तिथि बहुत ही खास होती है। पद्मिनी एकादशी तभी पड़ती है जब व्रत का महीना अधिक हो जाता है। अधिक मास में आने वाली पद्मिनी एकादशी का व्रत रखकर यदि पूरे मनोभाव से कोई व्यक्ति पूजन करें तो उसे यश, कीर्ति, धन, पुत्री एवं बैकुंठ की प्राप्ति होती है।
इतना ही नहीं इस दिन भगवान श्री विष्णु का पूजन करने तथा व्रत-उपवास रखने से सभी पापों का नाश भी हो जाता है। चूंकि यह पुरुषोत्तम मास की पहली एकादशी है, अत: इसे पुरुषोत्तमी एकादशी भी कहा जाता है।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार अधिक मास में पद्मिनी और परमा एकादशी व्रत रखा जाएगा। पुरुषोत्तम मास भगवान नारायण का ही महीना होने के कारण इस व्रत का महत्व अधिक हो जाता है और इस व्रत से वर्षभर की सभी एकादशियों का पुण्य मिल जाता है।
यदि व्रतधारी पूर्ण नियमपूर्वक तथा संयम रखकर, ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करते हुए यह व्रत रखता हैं तो भगवान श्री विष्णु प्रसन्न होकर उसे समस्त तीर्थों, यज्ञों, सालभर की संपूर्ण एकादशियों और चातुर्मास के दिनों में की गई तपश्चर्या का फल भी देते हैं। इतनी ज्यादा इस एकादशी की महिमा है।
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