Publish Date: Thu, 28 May 2026 (16:25 IST)
Updated Date: Thu, 28 May 2026 (16:13 IST)
Nirjala Ekadashi Muhurat: हिन्दू पंचांग कैलेंडर के अनुसार साल 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर रखा जाएगा। इसे सभी एकादशियों में सबसे कठिन एवं पुण्यदायी माना जाता है।
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चूंकि एकादशी तिथि का निर्धारण उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय की तिथि के आधार पर होता है, इसलिए 25 जून का दिन ही इस कठिन और पवित्र व्रत के लिए शास्त्र सम्मत माना गया है। इस साल गुरुवार का दिन होने से इस व्रत का महत्व भगवान विष्णु के भक्तों के लिए और भी ज्यादा बढ़ गया है।
तिथि और शुभ मुहूर्त की जरूरी जानकारियां नीचे दी गई हैं:
निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त और तिथियां:
निर्जला एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जून 2026 को शाम 06:12 बजे से
एकादशी तिथि का समापन: 25 जून 2026 को रात 08:09 बजे तक
पूजा का सबसे उत्तम समय: सुबह 10:39 बजे से दोपहर 02:09 बजे तक।
इस समयावधि में आप श्रीहरि और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा कर सकते हैं।
विशेष योग: इस दिन रवि योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है, जो सुबह 05:25 से शाम 04:29 तक रहेगा।
व्रत पारण (व्रत खोलने) का समय 2026
निर्जला एकादशी के व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को किया जाता है।
पारण की तारीख: 26 जून 2026, शुक्रवार
व्रत तोड़ने का शुभ समय: सुबह 05:25 बजे से सुबह 08:13 बजे के बीच।
एक जरूरी बात: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी के दिन सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी के सूर्योदय तथा पारण करने तक अन्न और जल का पूरी तरह त्याग किया जाता है। व्रत खोलने के बाद सबसे पहले जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को घड़ा, छाता या अनाज दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
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