Biodata Maker

किस हिन्दू माह में आती है कौन-सी एकादशी, क्या है व्रत रखने के फायदे

अनिरुद्ध जोशी
Ekadashi Katha
माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात आपको माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। आओ जानते हैं कि किस माह में आती है कौनसी एकादशी और क्या है व्रत रखने के फायदे।

 
 
-चैत्र माह में पापमोचिनी और कामदा एकादशी आती है। कामदा से राक्षस आदि की योनि से छुटकारा मिलता है और यह सर्वकार्य सिद्धि करती है तो पापमोचिनी एकादशी व्रत से पाप का नाश होता है और संकटों से मुक्ति मिलती है।
 
-वैशाख में वरुथिनी और मोहिनी एकादशी आती है। वरुथिनी सौभाग्य देने, सब पापों को नष्ट करने तथा मोक्ष देने वाली है तो मोहिनी एकादशी विवाह, सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करती है, साथ ही मोह-माया के बंधनों से मुक्त करती है।
 
-ज्येष्ठ माह में अपरा या अचना और निर्जला एकादशी आती है। अपरा एकादशी व्रत से मनुष्य को अपार खुशियों की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और निर्जला का अर्थ निराहार और निर्जल रहकर व्रत करना है। इसके करने से हर प्रकार की मनोरथ सिद्धि होती है।
 
-आषाढ़ माह में योगिनी और देवशयनी एकादशी आती है। योगिनी एकादशी से समस्त पाप दूर हो जाते हैं और व्यक्ति पारिवारिक सुख पाता है। देवशयनी एकादशी का व्रत करने से सिद्धि प्राप्त होती है। यह व्रत सभी उपद्रवों को शांत कर सुखी बनाता है।
 
-श्रावण माह में कामिका और पुत्रदा एकादशी आती है। कामिका एकादशी का व्रत सभी पापों से मुक्त कर जीव को कुयोनि को प्राप्त नहीं होने देता है। पुत्रदा एकादशी करने से संतान सुख प्राप्त होता है।
 
-भाद्रपद में अजा (जया) और परिवर्तिनी (जलझूलनी डोल ग्यारस) एकादशी आती है। अजा एकादशी से पुत्र पर कोई संकट नहीं आता, दरिद्रता दूर हो जाती है, खोया हुआ सबकुछ पुन: प्राप्त हो जाता है। परिवर्तिनी एकादशी के व्रत से सभी दु:ख दूर होकर मुक्ति मिलती है।
 
-आश्‍विन माह में इंदिरा एवं पापांकुशा एकादशी आती है। पितरों को अधोगति से मुक्ति देने वाली इंदिरा एकादशी के व्रत से स्वर्ग की प्राप्ति होती है जबकि पापांकुशा एकादशी सभी पापों से मुक्त कर अपार धन, समृद्धि और सुख देती है।
 
-कार्तिक में रमा (रंभा) और प्रबोधिनी एकादशी आती है। रमा एकादशी व्रत करने से सभी सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी का व्रत करने से भाग्य जाग्रत होता है। इस दिन तुलसी पूजा होती है।
 
-मार्गशीर्ष में उत्पन्ना और मोक्षदा एकादशी आती है। उत्पन्ना एकादशी व्रत करने से हजार वाजपेय और अश्‍वमेध यज्ञ का फल मिलता है। इससे देवता और पितर तृप्त होते हैं। मोक्षदा एकादशी मोक्ष देने वाली होती है।
 
-पौष में सफला एवं पुत्रदा एकादशी आती है। सफला एकादशी सफल करने वाली होती है। सफला व्रत रखने से अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। पुत्र की प्राप्ति के लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत करना चाहिए।
 
-माघ में षटतिला और जया (भीष्म) एकादशी आती है। षटतिला एकादशी व्रत रखने से दुर्भाग्य, दरिद्रता तथा अनेक प्रकार के कष्ट दूर होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है। जया एकादशी व्रत रखने से ब्रह्महत्यादि पापों से छुट व्यक्ति मोक्ष प्राप्त करता है तथा भूत-पिशाच आदि योनियों में नहीं जाता है।
 
-फाल्गुन में विजया और आमलकी एकादशी आती है। विजया एकादशी से भयंकर परेशानी से व्यक्ति छुटकारा पाता है और इससे श‍त्रुओं का नाश होता है। आमलकी एकादशी में आंवले का महत्व है। इसे करने से व्यक्ति सभी तरह के रोगों से मुक्त हो जाता है, साथ ही वह हर कार्य में सफल होता है।
 
-अधिकमास माह में पद्मिनी (कमला) एवं परमा एकादशी आती है। पद्मिनी एकादशी का व्रत सभी तरह की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है, साथ ही यह पुत्र, कीर्ति और मोक्ष देने वाला है। परमा एकादशी धन-वैभव देती है तथा पापों का नाश कर उत्तम गति भी प्रदान करने वाली होती है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

18 February Birthday: आपको 18 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 फरवरी 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

2020 में लगे थे 6 ग्रहण, अब फिर आने वाला है ऐसा दौर? जानें क्या सच में होगा बड़ा बदलाव

AI का धर्म पर जवाब हुआ वायरल, सुनकर लोगों की सोच बदल गई

Hindu New Year 2026: गुरु राजा और मंगल मंत्री के राज में 19 मार्च के बाद 5 राशियां बनेंगी अपराजेय

अगला लेख