Publish Date: Tue, 21 Jul 2026 (12:55 IST)
Updated Date: Tue, 21 Jul 2026 (12:50 IST)
Devshayani Ekadashi Vrat Puja Items List: देवशयनी एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण एकादशी व्रतों में से एक मानी जाती है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए जाते हैं और इसी के साथ चातुर्मास का आरंभ होता है। इस पवित्र दिन पर पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान करने से भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है।
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देवशयनी एकादशी की पूजा को पूर्ण और फलदायी बनाने के लिए पूजा सामग्री का सही होना बहुत जरूरी माना जाता है। तुलसी दल, पंचामृत, पीले वस्त्र, पुष्प, दीप, धूप और नैवेद्य जैसी वस्तुओं का विशेष महत्व होता है। अगर आप भी देवशयनी एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं, तो पूजा से पहले यह पूरी पूजन सामग्री लिस्ट जरूर तैयार कर लें।
देवशयनी एकादशी 2026 की पूजा सामग्री लिस्ट। जानें, भगवान विष्णु की पूजा में कौन-कौन सी चीजें चाहिए, तुलसी, पंचामृत और पूजन विधि की पूरी जानकारी...
देवशयनी एकादशी पूजा सामग्री सूची: Devshayani Ekadashi Puja Samagri List
* भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा/ तस्वीर या शालिग्राम जी
* एक चौकी और साफ पीला या लाल वस्त्र
* तांबे या पीतल का कलश
* आम या अशोक के पत्ते
* नारियल
* गंगाजल
* पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर)
* शुद्ध जल
* पीले चंदन का तिलक
* रोली और हल्दी
* पीले या सफेद पुष्प, जैसे- गेंदा, कमल या पीले कनेर
* तुलसी दल एवं मंजरी
* तुलसी की माला
* धूप और अगरबत्ती
* घी का दीपक/ मिट्टी या पीतल का
* रूई की बत्तियां
* कपूर
* मौली/ कलावा
* नैवेद्य- मिष्ठान, पंजीरी या पंचमेवा, बेसन के लड्डू या पेड़ा
* फल- केला, नारियल, सेब, आम आदि मौसमी फल
* पान, सुपारी और लौंग-इलायची
* दक्षिणा
* पीला वस्त्र (यदि भगवान को अर्पित करना चाहें)
* विष्णु सहस्रनाम या श्रीहरि की आरती की पुस्तक
विशेष अर्पण
देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को विशेष रूप से ये वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है—
* तुलसी दल
* पीले पुष्प
* पीले वस्त्र
* खीर
* पंचामृत से अभिषेक
* शंख में जल भरकर अर्घ्य
पूजा के बाद
* भगवान विष्णु की आरती करें।
* 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
* विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
* तुलसी की परिक्रमा करें।
* अपनी श्रद्धानुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
* व्रत का पारण द्वादशी तिथि में विधि-विधान से करें।
* भगवान को सुलाने के लिए छोटा गद्दा और तकिया या बिछौना
* भगवान को उढ़ाने के लिए पीला रेशमी वस्त्र इत्यादि।
विशेष नोट: भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें। बिना तुलसी के श्रीहरि की पूजा को अधूरा माना जाता है। साथ ही पूजा में बासी फूल, खंडित या अशुद्ध सामग्री का प्रयोग न करें।
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About Writer
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।
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