Hanuman Chalisa

क्या छल से रावण ने कुबेर देव से हड़पी थी सोने की लंका, क्या लंका थी शिव परिवार का निवास

क्यों दिया माता पार्वती ने रावण को शाप, जानिए क्या है लंका का सच

WD Feature Desk
मंगलवार, 8 अक्टूबर 2024 (13:25 IST)
sone ki lanka
 
Ravana Golden Lanka : रावण के साथ-साथ उसकी सोने की लंका की भी खूब चर्चाएं होती रहती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण की लंका स्वर्ण निर्मित थी। ramayan के अनुसार हनुमान जी ने रावण की इस सोने की लंका को अपनी पूँछ में आग लगाकर नष्ट कर दिया था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोने की लंका रावण की नहीं थी और उसे रावण नेछल से प्राप्त किया था।

रामायण में जिस सोने की लंका का वर्णन मिलता है वह रावण की नहीं है। कहा जाता है कि इसका निर्माण भगवान शिव ने माता पार्वती के लिए करवाया था। आज इस आलेख में हम आपको बता रहे हैं कि सोने की लंका किसने और क्यों बनवाई थी?
ALSO READ: क्‍या कुबेर थे रावण के भाई, फिर क्यों रावण था राक्षस जबकि कुबेर देवता कहलाए
 
किसने बनावाई थी सोने की लंका
पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती और शिव भगवान शिव का निवास हिमालय में था। महादेव और उनका परिवार वे बहुत ही सरल जीवन जीते थे। एक बार माता पार्वती ने महादेव से कहा कि देवताओं का निवास तो बहुत वैभवशाली होता है की तरह कोई महल बनवाने के लिए कहा, तब भगवान शिव ने विश्वकर्मा और कुबेर को बुलाकर समुद्र के बीच में सोने का महल बनवाया, जिसका नाम लंका था। चूँकि यह स्वर्ण से निर्मित थी इसलिए इसे सोने की लंका कहा जाने लगा।

 
रावण को कैसे मिली सोने की लंका
मान्यताओं के अनुसार, रामायण काल में स्वर्ण लंका का गुणगान चरों दिशाओं में था। एक बार रावण जब रावण वहां से गुज़र रहा था तो उसने स्वर्ण लंका को देखा तो उसका सौन्दर्य देख वो मुग्ध हो गया। उसने छल से लंका को पाने के लिए ब्राह्मण का वेश धारण किया और भगवान शिव के पास गया और दान में सोने की लंका मांग ली। भगवान शिव ने अपने दयालु स्वाभाव के कारण रावण को लंका दान में दे दी। इस तरह रावण ने धोखे से सोने की लंका भगवान शिव और माता पार्वती से हथिया ली। मान्यता यह भी है कि रावण ने धनपति कुबेर से सोने की लंका को बलस्वरूप छीना था। उसने पुष्पक विमान भी कुबेर देव सेही हासिल किया था।

माता पार्वती ने क्यों दिया था रावण को शाप
कथाओं के अनुसार, जब माता पार्वती को रावण के छल कपट से सोने की लंका हथिया लेने की बात पता चली, तो वे क्रोधित हो गईं। माता पार्वती ने रावण को शाप दिया कि एक दिन लंका आग में भस्म हो जाएगी।
ramayan के अनुसार जब रावण माता सीता का अपहरण करके उन्हें लंका ले आया, तो हनुमान जी उनसे मिलने लंका आए, तभी हनुमान जी ने रावण की स्वर्ण लंका में आग लगा दी। ये माता पार्वती के शाप के कारण ही हुआ था।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिक मास कब से कब तक? इस पवित्र महीने में करें ये 5 शुभ काम, खुल सकता है भाग्य

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

सभी देखें

धर्म संसार

हनुमान जयंती 2026: इस दिन ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, उपाय से दूर होंगे शनि-मंगल के सभी कष्ट

Hanuman jayanti 2026: हनुमान पूजा सामग्री, विधि, शुभ मुहूर्त, आरती, मंत्र, प्रसाद, चालीसा, कथा और लाभ

हनुमान जयंती पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर अपने प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामनाएं और स्टेटस, देखते ही खुश हो जाएगा मन

पुण्यतिथि विशेष: गुरु हरि किशन कौन थे, जानें 'बाल गुरु' का सिख धर्म में योगदान

अगला लेख