Hanuman Chalisa

दीपावली पर ताश का जुआ खेलने की है परंपरा, क्या ये गलत है?

Webdunia
बुधवार, 3 नवंबर 2021 (13:37 IST)
Diwali 2021 : प्राचीनकाल से भी भारत में जुआ खेलने का प्रचलन रहा है। समय के अनुसार इस खेल का स्वरूप बदलता गया। पहले यह चौरस और चौपड़ के रूप में खेला जाता था परंतु वक्त के साथ यह बदलता रहा और अब यह ताश के साथ अन्य कई तरीकों से खेला जाता है। दिवाली के दिन और अन्नकूट महोत्सव के दिन कई घरों में शगुन के रूप में ताश का जुआ खेलने की परंपरा है। आओ जानते हैं कि यह सही है या गलत।
 
ALSO READ: दीपावली की रात इन 20 जगहों पर जरूर रखें दीप जलाकर, जानिए मिलने वाले लाभ
कैसे हुई परंपरा की शुरुआत : इस प्रथा के साथ भगवान शंकर तथा पार्वती के जुआ खेलने के प्रसंग को भी जोड़ा जाता है, जिसमें भगवान शंकर पराजित हो गए थे। कथा है कि दिवाली के दिन भगवान शिव और पार्वती ने भी जुआ खेला था, तभी से ये प्रथा दिवाली के साथ जुड़ गई है। हालांकि शिव व पार्वती द्वारा दिवाली पर जुआ खेलने का ठोस तथ्य किसी ग्रंथ में नहीं मिलता।
मान्यता : अन्नकूट महोत्सव के दौरान शगुन के रूप में जुआ खेलने की परंपरा है। अन्नकूट पर्व को द्यूतक्रीड़ा दिवस भी कहते हैं। मान्यता अनुसार अन्नकूट महोत्सव के दिन जुआ खेला जाना चाहिए लेकिन कई लोगों को जानकारी नहीं होने के कारण दीपावली के दिन ही जुआ खेल लेते हैं। दीपावली पर कहीं-कहीं जुआ भी खेला जाता है। इसका मुख्य लक्ष्य वर्षभर के भाग्य की परीक्षा करना होता है।
 
जुए ने किया सभी को बर्बाद : 
1. महाभारत काल में भी पांडव और कौरवों के बीच में इसी दिन जुए का खेल हुआ था और पांडव इसमें कौरवों के छल कपट के आगे हार गए थे। 
 
2. इस जुए के कारण ही राजा नल अपने कपटी रिश्तेदारों के हाथों अपना राजपाट खो बैठे थे। 
ALSO READ: आज है गुरु पुष्य शुभ योग, Guru Pushya का महासंयोग, सरल शब्दों में जानिए कौन से 10 काम करें और किन कामों से बचें
3. बलराम ने भी दुर्योधन और शकुनि के साथ जुआ खेला था और वे हार गए थे। शकुनि की चाल के चलते बलराम ने सुभद्रा का विवाह दुर्योधन से करने की हां भर ली थी।
 
4. एक बार बलरामजी रुक्मी के साथ भी जुआ खेले थे और रुक्मी ने जब उन्हें छल से हरा दिया था तो क्रोधित होकर बलराम ने रुक्मी का वध कर दिए जाने का उल्लेख कहीं कहीं मिलता है।
जुआ एक सामाजिक बुराई : जुआ एक ऐसा खेल है जिससे इंसान तो क्या भगवान को भी कई बार मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। जुआ, सामाजिक बुराई होकर भी भारतीय मानस में गहरी पैठ बनाए हुए है। यह एक दुर्गुण ही है किन्तु अफसोस है कि लोग शास्त्रों में बताए गए सद्कर्मों संबंधी निर्देशों का पालन नहीं करते और दुर्गुण को तुरंत अपना लेते हैं। कानून जुआ खेलने की इजाजत नहीं देता। अत: शुभ दिन गलत कार्य करना उचित नहीं है। कई बार शगुन का खेल दुर्गुण में बदल जाता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या भारत में बना था ईसा मसीह के कफन का कपड़ा? DNA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

April Monthly Horoscope 2026: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: जानिए कैसे बदलेंगे आपके जीवन के हालात इस महीने

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

मंगल-शनि की युति से बनेगा ज्वालामुखी योग, दुनिया में हो सकती हैं ये 5 बड़ी घटनाएं

यहूदी, ईसाई और मुस्लिम धर्म की भविष्‍वाणी: क्या यही है 'कयामत' की लड़ाई?

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (6 अप्रैल, 2026)

06 April Birthday: आपको 6 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 6 अप्रैल 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (5 अप्रैल, 2026)

05 April Birthday: आपको 5 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख