suvichar

पुष्य नक्षत्र में बहीखाता लाने का मंगल मुहूर्त

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
व्यापारीगण अपने वर्षभर का हिसाब-किताब रखने हेतु बही-खाता लिखते हैं। लेकिन आज समय बदल रहा है। लेन-देन भी आज डिजिटल होता जा रहा है, फिर भी बही-खाते का प्रचलन अभी खत्म नहीं हुआ है। प्राचीन समय से ही बही-खाता दीपावली के पूर्व आने वाले पुष्य नक्षत्र पर ही क्रय किया जाता है। 
 
विशेषकर गुरु और रवि पुष्य नक्षत्र का अपना अलग ही महत्व होता है ले‍किन इस बार पुष्य नक्षत्र शुक्रवार और शनिवार को है। 
 
ना रवि ना गुरु बल्कि पुष्य नक्षत्र 13 अक्टूबर, शुक्रवार को आ रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र सुबह 7.46 शुरू होकर 14 ता. की सुबह 6.54 तक रहेगा। इसमें बही-खाता लाने का शुभ समय इस प्रकार है-
 
लाभ का चौघड़िया : 7.51 से 9.18 तक।
अमृत का चौघड़िया : 9.18 से 10.46 तक।
शुभ का चौघड़िया : 12.13 से 13.40 तक।
 
रात्रि में-
लाभ का चौघड़िया : 9.08 से 10.41 तक।
 
विजय मुहूर्त दोपहर 12.01 से 12.25 तक रहेगा। इस समयावधि में 12.13 से शुभ का चौघड़िया रहेगा, जो 13.40 तक रहेगा। विजय मुहूर्त इस समयावधि में ही पड़ेगा अतः बही-खाता लाने हेतु यह समय भी उपयुक्त है बाकी समय तो है ही। व्यापारीगण अपनी सुविधानुसार ला सकते हैं। 
 
वीडियो 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

20 February Birthday: आपको 20 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 20 फरवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का त्योहार कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व और कथा

Holashtak 2026: 24 फरवरी से प्रारंभ होंगे 'होलाष्टक', शुभ कार्य रहेंगे वर्जित

Dhulendi in 2026: रंगों वाली होली का पर्व 3 को मनाएं या कि 4 मार्च को जानिए सही तारीख

अगला लेख