Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 (15:51 IST)
Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 (16:01 IST)
Dhanteras 2026 ke achuk upay: 06 नवंबर 2026 शुक्रवार के दिन धन तेरस का पर्व मनाया जाएगा। धनतेरस (धनत्रयोदशी) का पावन पर्व सिर्फ सोना-चांदी या बर्तन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र का सुरक्षा कवच भी है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, धनतेरस की शाम को यमराज के निमित्त किया गया दीपदान किसी भी तरह के अकाल मृत्यु के भय को हमेशा के लिए टाल देता है।
1. यम दीपम (यमराज का चौमुखी दीपक)
यह धनतेरस का सबसे प्रमुख और अनिवार्य अनुष्ठान है, जिसे परिवार के संकट टालने के लिए किया जाता है:
सही समय: धनतेरस की शाम जब परिवार के सभी सदस्य घर आ जाएं और भोजन कर लें, तब सोने से ठीक पहले इसे जलाया जाता है।
दीपक की बनावट: आटे से बना चार मुख वाला (चौमुखी) दीपक लें। इसमें सरसों का तेल भरें और चारों बत्तियों को प्रज्वलित करें।
दिशा और नियम: घर का कोई बुजुर्ग सदस्य इस दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर (या आंगन में) दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखे।
धार्मिक फल: यह दीपदान यमदेव को प्रसन्न करता है, जिससे पूरे परिवार को अकाल मृत्यु और अनहोनी से सुरक्षा मिलती है।
2. घर में 13 दीपों का महाप्रकाश
यम दीपम के अलावा धनतेरस की रात घर में 13 दीपक जलाने का विशेष शास्त्रीय विधान है:
संख्या और प्रकाश: घर के भीतर और बाहर कुल 13 दीपक जलाएं।
महत्वपूर्ण स्थान: मुख्य द्वार, तुलसी का पौधा, पीने के पानी का स्थान (जल स्थान), रसोईघर और पूजा घर में दीपक अवश्य रखें।
प्रभाव: यह दिव्य प्रकाश घर की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों को तुरंत समाप्त कर देता है।
3. खड़ा धनिया का उपाय:
धनतेरस पर खड़ा धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरि को अर्पित करें। पूजा के बाद थोड़े धनिया को लाल या पीले कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें, इससे धन की बरकत होती है और आर्थिक नुकसान नहीं होता।
4. नई झाड़ू का उपाय:
इस दिन नई झाड़ू खरीदकर उसकी पूजा करें। मान्यता है कि झाड़ू घर से दरिद्रता और नकारात्मकता को दूर करती है। नई झाड़ू पर एक सफेद रंग का धागा बांधना भी शुभ माना जाता है।
5. पीली कौड़ी और हल्दी का उपाय:
पीली कौड़ी या हल्दी की गांठ को पीले या लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखें। इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
6. कुबेर मंत्र का जाप:
पूजा के दौरान भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी के सामने धूप-दीप जलाकर इस मंत्र का जाप करें:- 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय दापय स्वाहा।'
7. आरोग्य देव धन्वंतरि की पूजा
धनतेरस देव धन्वंतरि के प्रकट होने का पावन दिन है, जो आयुर्वेद और स्वास्थ्य के स्वामी हैं:
पूजा विधान: संध्याकाल के शुभ मुहूर्त में भगवान धन्वंतरि का षोडशोपचार पूजन करें।
दिव्य मंत्र: बीमारियों से मुक्ति और परिवार के निरोगी काया के लिए 'ॐ धन्वंतरये नमः' मंत्र का जप करें।
प्रार्थना: उनसे पूरे परिवार के लिए आरोग्य और दीर्घायु का वरदान मांगें।
8. तुलसी दल के पास घी का दीपदान
तुलसी जी को माँ लक्ष्मी का स्वरूप और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है:
उपाय: धनतेरस की शाम तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें।
लाभ: ऐसा करने से घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
9. यमराज और राजा हेमा की कथा का श्रवण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यम कथा सुनने का विशेष महत्व है:
कथा पाठ: शाम की पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर यमराज और राजा हेमा के पुत्र की पौराणिक कथा का पाठ या श्रवण करें।
सुरक्षा चक्र: विधिपूर्वक दीपदान करने के साथ कथा सुनने वाले व्यक्ति को यमराज के प्रकोप और अकाल मृत्यु का भय कभी नहीं सताता।
10. नमक का उपाय:
धनतेरस पर नया नमक का पैकेट खरीदें। घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा खड़ा नमक मिलाने या घर के कोनों में कटोरी में नमक रखने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।