Publish Date: Wed, 11 Feb 2015 (20:03 IST)
Updated Date: Wed, 11 Feb 2015 (20:08 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत को भारत का अंदरुनी मामला बताते हुए उस पर टिप्पणी से इंकार कर दिया है और कहा है कि हिन्दुस्तान के साथ उसके रिश्ते आगे बढ़ रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी के 70 सदस्यीय विधानसभा में 67 सीटें जीतने के बारे में सवाल किए जाने पर विदेश विभाग की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि दिल्ली चुनाव भारत सरकार और उसके लोगों का आंतरिक मामला है।
उन्होंने कहा कि जहां तक हमारे संबंधों या हमारी भागीदारी या राष्ट्रपति की यात्रा का मामला है तो हम निश्चित रूप से भारत के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ता हुआ पाते हैं जिसमें भारी क्षमता है और जो इस बात से परिलक्षित होती है कि विदेश मंत्री जॉन कैरी और अमेरिकी राष्ट्रपति दोनों ने इस वर्ष के पहले महीने के भीतर भारत की यात्रा की।
साकी ने कहा कि यह तथ्य स्थिति को बयां कर रहे हैं, लेकिन चुनाव परिणामों पर मेरी कोई विशेष टिप्पणी या विश्लेषण नहीं है। भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चे पर केजरीवाल की जीत के बारे में पूछे जाने पर साकी ने कहा कि हम अलग-अलग राजनीतिक उम्मीदवारों पर राय जाहिर नहीं करते इसलिए मैं आपसे भारत सरकार और भारत की जनता की बात कह रही हूं।
मिशिगन यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर ब्रायन मिन ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लिए यह एक शानदार जीत है, जो यह साबित करती है कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन जल्द ठंडा पड़ने वाला नहीं है।
मिन ने कहा कि मोदी के लिए आशा की किरण यह है कि मोदी के विकास एजेंड़े से करीब से जुड़े मतदाता बिजली और सरकार की कुशलता जैसे रोजमर्रा के विकास मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर करना जारी रखेंगे। कांग्रेस के लिए यह एक स्तब्ध करने वाली और शर्मिंदगी भरी हार है।
मिशिगन यूनिवर्सिटी में रौस स्कूल ऑफ बिजनेस में मार्केटिंग के प्रोफेसर पुनीत मनचंदा ने कहा कि आप की जीत ने कार्य प्रदर्शन के लिहाज से भाजपा के लिए पैमाने को और ऊंचा कर दिया है।
इसी विश्वविद्यालय में महिला अध्ययन एवं राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर लीला फर्नांडीस ने कहा कि जीत के अंतर के लिहाज से आप की जीत एक बेहद महत्वपूर्ण चुनावी घटना है।
फर्नांडीस कहती हैं कि आप की जीत यह खुलासा करती है कि जमीनी स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के सत्ता ढांचे के विकल्प के रूप में उसमें एक धर्मनिरपेक्ष सर्ववर्गीय चुनावी विकल्प निर्मित करने की क्षमता है और अपने आप में यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। (भाषा)