Publish Date: Sat, 19 Jul 2025 (17:01 IST)
Updated Date: Sat, 19 Jul 2025 (17:05 IST)
भारत में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट और सायबर फ्रॉड के मामले में पहली बार सजा हुई है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने शुक्रवार 18 जुलाई को 9 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दें कि भारत में यह इस तरह की पहली सजा है। यह रिपोर्ट द हिंदू में प्रकाशित हुई है। बता दें कि भारत के कई शहरों में सायबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। आए दिन इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में पहली बार सजा हुई है।
क्या था फ्रॉड का मामला: ताजा मामले में एक 70 वर्षीय पीड़ित से धोखेबाजों ने 1 करोड़ रुपए ठग लिए। उन्हें करीब सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। यह घटना 6 नवंबर 2024 की है, जब पीड़ित ने रानाघाट के कल्याणी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल पर खुद को मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन का एसआई हेमराज कोली बताने वाले व्यक्ति ने डराकर कई खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
बंगाल पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ पूरे भारत से कुल 108 शिकायतें दर्ज थीं। 100 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की जा चुकी है। इसी मामले में कुल 13 गिरफ्तारियां हुईं जिनमें से 3 आरोपी गुजरात, 7 महाराष्ट्र और 3 हरियाणा से हैं. अदालत ने 9 को दोषी ठहराया और उम्रकैद दी।
बता दें कि जांच में पता चला कि कॉल्स कम्बोडिया से रीरूट किए जा रहे थे, जबकि ऑपरेशन का असली स्रोत भारत में ही था। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराते और पीड़ितों को पैसों की ट्रांजैक्शन के लिए मजबूर करते। पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए। रानाघाट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन द्वारा 2,600 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दायर की गई। केवल 5 महीने में मुकदमे की सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने सजा सुना दी।
Edited By: Navin Rangiyal
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Sat, 19 Jul 2025 (17:01 IST)
Updated Date: Sat, 19 Jul 2025 (17:05 IST)