Publish Date: Fri, 10 Apr 2020 (21:06 IST)
Updated Date: Fri, 10 Apr 2020 (21:11 IST)
बेंगलुरु। विशेषज्ञों का मानना है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद ऐसे क्षेत्र जो कि काफी कुछ लोगों की सोच और व्यवहार पर निर्भर हैं, उनमें सुधार आने में सबसे ज्यादा वक्त लगेगा, जबकि जिन क्षेत्रों को सरकार ने कोरोना वायरस (Corona virus) कोविड-19 के प्रकोप को रोकने के लिए बंद किया है, उनमें सबसे तेजी से सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि फार्मा, चिकित्सा और स्वास्थ्य उपकरण तथा डिजिटल कंपनियां, उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जिनके कारोबार में कोविड-19 महामारी के बाद उछाल देखा गया।
पूर्व दूरसंचार और आईटी सचिव आर. चंद्रशेखर का कहना है कि डिजिटल दुनिया से जुड़ी हुईं और इससे संबंधित सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियां, जैसे मनोरंजन, कार्यालय प्रणाली और रसद आपूर्ति श्रृंखला, अच्छा प्रदर्शन करेंगी।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि कुछ हद तक आवश्यक वस्तुओं की मांग में वृद्धि हुई है और इसमें फिर तेजी आएगी।उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि परिवहन, भंडारण, वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्र लॉकडाउन खत्म होने के बाद तेजी से वापसी करेंगे जबकि यात्रा, होटल, विदेश यात्रा और शॉपिंग मॉल जैसे क्षेत्रों में जल्द वापसी की उम्मीद नहीं है।
एक कॉर्पोरेट फर्म के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ई-कॉमर्स और होम डिलीवरी में आगे और तेजी देखने को मिलेगी।
उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए होटल और यात्रा क्षेत्र को वापसी में समय लगेगा। लोग बिना जरूरत की यात्रा पसंद नहीं करेंगे। वे होटलों में रुकना पसंद नहीं करेंगे, क्या पता वहां पहले कौन रुका था। पर्यटन को वापसी में लंबा समय लगेगा। उनकी गतिविधियों में नाटकीय रूप से कमी आएगी।
चंद्रशेखर ने बताया, लोग जोखिम लेना नहीं चाहते हैं। जो क्षेत्र मानव व्यवहार के कारण प्रभावित होते हैं, उन्हें ठीक होने में सबसे लंबा समय लगेगा। जिन पर सरकारी आदेशों से अंकुश लगा है, उनमें (लॉकडाउन हटने के बाद) तुरंत उछाल आएगा।
एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि देश के स्वास्थ्य और चिकित्सा ढांचे को व्यापक रूप से विकसित करने की जरूरत है, जिसके लिए प्रतिबद्धता और अत्यधिक संसाधनों की जरूरत होगी।(भाषा)