प्यार में मुलाकात न हो। दीदार न हो। तो प्यार कैसा। ऐसा प्यार आमतौर पर अधूरी कहानी ही माना जाता है। एलडीआर यानी लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में वैसे भी कई तरह की दिक्कतें आती ही हैं।
ये लॉकडाउन का वक्त है। कोरोना से बचने के लिए लगभग पूरी दुनिया घरों में कैद है। ऐसे में कपल्स के लिए भी दिक्कतें हो गई थीं। लेकिन कहते हैं न ये प्यार है, कोई न कोई रास्ता खोज ही लेता है। मुलाकात का। दीदार और और प्यार भरी गुफ्तगू का।
तो इन द टाइम ऑफ कोरोना वर्चुअल रोमांस की दुनिया में आपका स्वागत है। कपल्स ने कॉल्स। वीडियो कॉल्स। मैसेजेस। डेटिंग एप्प। फेसबुक। व्हाट्सएप्प। आईएमओ। टिंडर। स्काइप और तमाम तरह के एप्प के जरिए अपनी कनेक्टिविटी बेतहाशा तरीके से बढा दी है।
इंस्टाग्राम पर ‘लव इज क्वेरेंटाइन’ नाम से मैच मेकिंग किया जा रहा है, यह वेब सीरीज लव इज ब्लाइंड की तर्ज पर है। यह कॉन्सेप्ट काफी वायरल हो रहा है।
ये प्यार में कनेक्ट रहने का नया कॉन्सेप्ट है। हालांकि रोमांच में इंटरनेट का उपयोग पहले भी किया जाता रहा है, लेकिन अब जबकि सभी घरों में कैद है, यही एक तरीका है प्यार करने का।
एक उदाहरण देखिए। यूके की एक सिनियर जर्नलिस्ट का ट्वीट खूब वायरल हो रहा है। जिसमें उसने कहा कि मैं एक ऐसे आदमी के साथ क्वेरेंटाइन हूं जिससे मैं पिछले गुरुवार को ही मिली थी।
घरों में कैद होने की वजह से कपल्स को बगैर किसी फिजिकल एट्रेक्शन के आपस में गहरी बातचीत करने का मौका भी दिया है।
यूके के ‘इंडिपेंडेंट’ के मुताबकि यूरोप में पिछले दो महीनों से कपल्स अपने पार्टनर के साथ इसी तरह टच में रह रहे हैं।
इसी सोर्स को लंदन के कई कपल्स ने बताया कि कैसे ऑनलाइन ऑप्शन ‘फेसटाइम’ के जरिये वे अपने पार्टनर के साथ बातचीत और वीडियो कॉल्स से कई महीनों से बात कर रहे हैं।
यूरोप में यूके को वैसे ही अकेलेपन के लिए जाना जाता है। यहां करीब 7.7 मिलियन लोग अकेले रहते हैं। ऐसे में वहां डेटिंग एप्प और बात करने के दूसरे साधन बहुत उपयोग किए जा रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि एवरेज नंबर ऑफ मैसेज में करीब 35 प्रतिशत इजाफा हुआ है। इसके साथ ही लोग लॉन्ग मैसेज कर के बात कर रहे हैं, यानी उनके वाक्य पिछले महीनों की तुलना में ज्यादा लंबे होते हैं।
एक रिपोर्ट में कुछ कपल्स कहते हैं कि यह अच्छा है सोशल डिस्टेंसिंग के दौर में हम आपस में ज्यादा बात कर रहे हैं। ऐसे में हमें एक दूसरे को समझने में काफी मदद मिल रही हैं।
इधर भारत में फेसबुक, व्हाट्सएप्प के साथ ही टिंडर जैसे डेटिंग एप्प के यूज में जबरदस्त उछाल आया है।
कुल मिलाकर लॉकडाउन के वक्त में प्यार, रोमांस को जारी रखने के साथ ही अकेलेपन को दूर करने के लिए डेटिंग एप्प और सोशल मीडिया के दूसरे साधनों के उपयोग में इजाफा हुआ है, पूरी दुनिया इसी के सहारे अपनों से कनेक्ट हो रही है।
(इस लेख में व्यक्त विचार/विश्लेषण वेबदुनिया के नहीं हैं और वेबदुनिया इसकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती है)
About Writer
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्म में मास्टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्हें फिल्ड रिपोर्टिंग का अच्छा-खासा अनुभव है।
उन्होंने अखबार....
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